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अमेजन और फ्लिपकार्टci फंसी: विदेशी निवेश के मामले में ईडी और आरबीआई करेंगे जांच, सरकार ने दिया आदेश


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मुंबई3 घंटे पहले

सरकार ने कहा है कि एफडीआई के मामले में रिजर्व बैंक और ईडी इन कंपनियों पर आवश्यक कार्रवाई करें। बता दें कि कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) लंबे समय से इन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है

  • यह जांच विदेशी निवेश के नियमों के उल्लंघन के मामले में होगी
  • कैट ने अपनी बार-बार मंत्रालय से शिकायत की थी जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया है

देश में कारोबार कर रही दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और अमेजन में विदेशी निवेश की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जांच करेंगे। सरकार ने उन्हें इसकी जांच करने का आदेश दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एफडीआई नीति और फेमा नियमों के उल्लंघन के सिलसिले में कई बार शिकायतें की थीं। इसी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

ई-कॉमर्स कंपनियों की चिंता बढ़ी

सरकार के इस आदेश से इन दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को कैट की तरफ से कई बार शिकायतें भेजी गई थीं। इसी के बाद डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज और इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने रिजर्व बैंक और ईडी को पत्र जारी कर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

बिरला ग्रुप के साथ हुई डील पर सवाल

भरतिया ने कहा कि फ्लिपकार्ट और आदित्य बिरला ग्रुप के बीच हुई डील में सीधा एफडीआई के नियमों का उल्लंघन हुआ है। बता दें कि पिछले कई सालों से लगातार भारी कारोबार के बावजूद ई-कॉमर्स कंपनियां लगातार कारोबार पर नियंत्रण कर रही हैं। अमेजन का घाटा पिछले साल 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है। भारत में सेलुलर फोन बनाने वाली कंपनियों की संस्था भारतीय सेलुलर एसोसिएशन भी इससे पहले शिकायत कर चुकी है। उसका कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मोबाइल फोन पर विनियमन द्वारा एफडीआई नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

लगातार सौदे कर रही कंपनियां हैं

यह ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में लगातार निवेश कर रही हैं। भारतीय कंपनियों के साथ उनकी डील भी हो रही है। इनकी डील और निवेश पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हाल में अमेजन ने भी फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस की डील पर भी सवाल उठाया था और मामला कोर्ट में है। भारत में इन ई-कॉमर्स कंपनियों को अब देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ टक्कर मिल रही है। रिलायंस ने हाल ही में ई-कॉमर्स में अच्छी शुरुआत की है।





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