Home उत्तर प्रदेश अयोध्या के डेवलेपमेंट विजन डॉक्यूमेंट पर मंथन: 70 एकड़ जन्मभूमि परिसर के...

अयोध्या के डेवलेपमेंट विजन डॉक्यूमेंट पर मंथन: 70 एकड़ जन्मभूमि परिसर के साथ जोड़कर होगा रमणगरी का विकास; अब तक 1900 करोड़ रुपये आए


  • हिंदी समाचार
  • स्थानीय
  • उतार प्रदेश
  • लखनऊ
  • अयोध्या राम मंदिर नवीनतम समाचार अपडेट। श्री राम तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट पारंपरिक तकनीकों का उपयोग अयोध्या उत्तर प्रदेश में राम मंदिर के निर्माण में भी किया जाता है

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अयोध्या10 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

अयोध्या के सर्किट हाउस में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में जुटे मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी।

  • सांस्कृतिक राज्य के तौर पर विकसित की जाएगी अयोध्या, कमिश्नर की टीम ने विजन डॉक्युमेंट पेश किया
  • पारंपरिक मंदिर निर्माण के श्रेय आर्किटेक्चरट पद्मभूषण डॉ। नागा स्वयंमी और चेतननई के एम सुब्रमण्यम को जोड़ा गया

अयोध्या के सर्किट हाउस में राम मंदिर निर्माण समिति के दूसरे दौर की बैठक आज दोपहर बाद खत्म हो गई। इस दौरान राम जन्मभूमि के 70 एकड़ परिसर के साथ बाहरी इलाके के विकास के बीच तालमेल रखने पर मंथन हुआ। सर्वसम्मति से तय हुआ है कि मंदिर निर्माण में आधुनिक तकनीक के साथ प्राचीन पद्धति के विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जाएगा। इसके लिए पारंपरिक मंदिर के श्रेष्ठ वास्तुकार पगरीust डॉ नागा स्वामी और चेन्नई के एम सुब्रमण्यम को जोड़ा जाएगा। वहीं, मंदिर निर्माण के लिए चल रहा निधिप्रदान अभियान कल यानी 27 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। अब तक 1900 करोड़ रुपए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास आ चुके है।

प्रभु राम के सांस्कृति अवस्था की तरह विकसित होगी अयोध्या

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक की शीर्ष राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने की। कमिश्नर की टीम ने विकास की जो तस्वीर पेश की है वह बेहद सुखद रही है। इसमें प्रभु राम के सांस्कृतिक राज्य की तस्वीर दिखाई दी। अयोध्या के पूरे परिसर की जो योजना योगी सरकार ने तैयार की है, उसमें बंदरगाह से लेकर गरीबी कितनी दूर है? साफ- सफाई वंच्रित महिलाओं के पुनर्वास तक की योजनाओं को शामिल किया गया है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय राय ने कहा कि राम मंदिर से ताल मेल बना कर ही अयोध्या का विकास कैसे किया जाए इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से प्रस्तावित विकास योजनाओं पर चर्चा की गई है। सिर्फ 70 एकड़ में मंदिर नहीं बनेगा, आसपास के इलाके का भी विकास होगा। इसलिए कोई भी यात्री नहीं आया तो उसने दो-तीन ठहरकर यहां का भ्रमण किया।

विनता के साथ प्राचीन शैली का समावेश होगा

वहीं, राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में गुरुवार को एलएंडटी टाटा टाटा कंपनी की टीम ने मंदिर निर्माण के विभिन्‍न तकनीकी पहलुओं पर प्रजेंटेशन किया था। तय किया गया कि मंदिर के निर्माण में श्रेय आधुनिक आधुनिक तकनीक के विशेषज्ञों के साथ देश के जाने-माने मंदिर निर्माण के प्राचीन पद्धति के विशेषज्ञों का भी परामर्श लिया जाए। इसके लिए पारंपरिक मंदिर निर्माण के श्रेय आर्किटेक्चरट पद्मभूषण डॉ। नागा स्वयंमी और चेतननई के एम सुब्रमण्यम को जोड़ा गया है। जिनके परामर्श से मंदिर की नींव से लेकर उपर के मंदिर का निर्माण होगा। राम मंदिर के निर्माण में अब श्रेय आधुनिक आधुनिक और प्राचीन शैली की तकनीक का समावेश ऑनलाइन।

स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि 27 फरवरी को समाप्‍त होने वाले राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रहा निधि संग्रह अभियान पूरे देश में सफलतापूर्वक चला गया जो बेहद सफल रहा है। इस अभियान में अब तक 1900 करोड़ राशि जमा हो चुकी है। धनसुविधा का पूरा अभियान के समापन के बाद कर जारी किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय।

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय।

नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर परिसर का किया दर्शन

इस बीच मंदिर निर्माण समिति के अधिपक्ष नृपेंद्रिश ने सुबह मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण का निरीक्षण किया। ट्रिस्ट के सदस्स व मंदिर निर्माण की तकनीकी टीम के प्रशिक्षण से अलग-अलग बैठक कर जानकारी हासिल की। वे अब भी 27 फरवरी तक यहां रहते हैं मंदिर निर्माण के विभिन्‍न पहलुओं पर मंथन करेंगे।

60 प्रति नींव की खोई का काम पूरा

ट्रिस्ट के सदसय डॉ। अनिलिश ने बताया कि मंदिर की नींव की खोदाई का काम 60 फीसदी पूरा हो गया है। बाकी 40 प्रतिशत का काम भी मार्च में पूरा हो जाएगा। उसी के बाद नींव में मटेरियल की भरीई का काम शुरू हो जाएगा। अब तक 12 मीटर तक की नींव की खोदाई हो चुकी है। जिसमें मजबूत मिट्टी की सतह मिली है। मंदिर निर्माण में कार्यरत कंप्यूटर कंपनियां और IIT चेन्नई के मनोवैज्ञानिकानी फाउंडेशन की डिजाइन तैयार कर इसकी प्रजेंटेशन दे रहे हैं। अब इसको अंतिम रूप देना है कि इसमें मलबा हटाने के बाद किस तरह का मजबूत मैटेरियल भरा जाए। इसमें मिर्जापुर के पत्तीथरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल।

राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल।

2 महीने बाद रिलीज होगी 67 एकड़ परिसर की वास्तुकला डिजाइन

डॉ। अनिल मिश्रा ने बताया कि अभी तक सारा फोर्थस मुख्‍य मंदिर के निर्माण को लेकर है। नींव का काम तेजी से पूरा करने के बाद परिसर के डिजाइन को भी दो महीने के अंदर रिलीज कर दिया जाएगा। जिसमें यह साफ हो जाएगा कि मंदिर में प्रवेश के कितने गेट व रासते बनेगें और वे किन सड़कों से सीधे जुड़ेंगे।

खबरें और भी हैं …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments