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अर्थव्यवस्था के भरोसे से बाहर निकलने की अवस्था में वृद्धि: जनवरी में व्यापार और उपभोक्ता गतिविधियाँ तेज सुधार दिखा रही हैं


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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण के मुताबिक दिसंबर तिमाही की जीडीपी विकास दर साल-दर-साल आधार पर 0.5% रहने की उम्मीद है

  • शुक्रवार को अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही के लिए जीडीपी के आंकड़े जारी होंगे
  • माना जा रहा है कि दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर निकल गई है

भारतीय अर्थव्यवस्था में इस साल पिछले साल दर्ज की गई भारी गिरावट से बाहर निकलने का संकेत दिख रहा है। जनवरी में व्यापार और उपभोक्ता गतिविधियों में तेज सुधार देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग के 8 पसंदीदा इंडिकेटर्स में से 2 का प्रदर्शन पिछले महीने बेहतर रहा। 5 इंडिकेटर्स अपने पुराने स्तर पर कायम रहे, जबकि सिर्फ एक में गिरावट आई।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रिकवरी शुरू हो गई थी और जनवरी की रीडिंग नई तिमाही की बेहतर शुरुआत की ओर इशारा कर रही है। शुक्रवार को जीडीपी के बेहतर आंकड़े आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही में अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर निकल चुकी है। ब्लूमबर्ग के सर्वेक्षण के मुताबिक दिसंबर तिमाही की जीडीपी विकास दर साल-दर-साल आधार पर 0.5% रहने की उम्मीद है।

जनवरी में सेवा क्षेत्र में लगातार चौथे महीने तेजी

जनवरी में सेवा क्षेत्र में लगातार चौथे महीने तेजी दर्ज की गई। मार्किट इंडिया ने पर्चेजिंग एंडर्स इंडेक्स (PMI) जनवरी में 52.8 पर रहा, जो दिसंबर में 52.3 पर था। पीएमआई की रीडिंग 50 से ऊपर होने का मतलब यह है कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।

उत्पादन उत्पादन 3 महीने में सर्वाधिक तेजी से बढ़ा

गतिविधियों की गतिविधियों में भी जनवरी में तेजी आई है। ज्यादा बिक्री और निर्यात के बड़े ठेके की बदौलत तीन महीने में उत्पादन सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा। हालांकि चिंता की बात यह है कि इनपुट और आइटम क्वालिटी के तहत थोड़ा बढ़ा है। यह आगामी महीनों में महंगाई को घटने से रोक सकता है। पिछले महीने एक्स का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। जेम्स गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, आयरन ओर और टेक्सटाइल्स का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा।

यात्री वाहनों की बिक्री जनवरी में 11.4% बढ़ी

यात्री वाहनों की बिक्री जनवरी में साल-दर-साल आधार पर 11.4% बढ़ी। यात्री वाहनों की बिक्री से बाजार में मांग का पता चलता है। टी-व्हीलर्स और युटिलिटी व्हीकल्स की मांग मजबूत रही। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के इस महीने के एक सर्वेक्षण में उपभोक्ताओं ने कहा कि मौजूदा आर्थिक स्थिति नवंबर के मुकाबले बेहतर है और आने वाले साल में उनकी स्थिति में बेहतर हो सकती है।

कर्ज में लगभग 6.5% की वृद्धि हुई

लोन की मांग जनवरी में थोड़ी अच्छी रही। RBI के आंकड़े बताते हैं कि कर्ज में साल-दर-साल आधार पर लगभग 6.5% की वृद्धि हुई है। लिक्विडिटी की स्थिति में दिसंबर के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं आए हैं। दिसंबर में एडवांस टैक्स पेमेंट के कारण बाजार में पूरक की किल्लत बनी हुई है।

औद्योगिक उत्पादन दिसंबर में 1% बढ़ा

दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन साल-दर-साल आधार पर 1% बढ़ा। पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 0.6% बढ़ा। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंफ्रास्ट्रक्चर गुड्स एंड सेक्टर सेक्टर में उत्साहवर्धक वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40% योगदान करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों का उत्पादन दिसंबर में साल-दर-साल आधार पर 20% गिरा है। यह नवंबर की 2.6% गिरावट के मुकाबले कम है।





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