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अर्थ एयर हीट सेंसर एनिकॉन: बिना बिजली के ठंडक के बिना, 45 डिग्री से बाहर कमरे में 27 डिग्री तापमान रहेगा


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भोपाल11 मिनट पहले

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यह ग्रीन टेक्नोलॉजीज पर आधारित प्रणाली है।

  • महिला पॉलिटेक्निक कालेज के रिसर्च सेंटर में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है

महिला पॉलिटेक्निक काॅलेज में अर्थ एयर हीट एगर टेक्निक का उपयोग कक्ष को ठंडा रखने के लिए किया जा रहा है। इसके माध्यम से बिना बिजली के कमरे को ठंडा रखा जा सकता है। अगर बाहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास है तो कमरे में यह 27 डिग्री तक रहेगा। यानी 18 डिग्री कम।

कांगे के शिक्षक लोकेश सदराणी के मुताबिक यह ग्रीन टेक्नोलॉजीज पर आधारित प्रणाली है। गर्मी के दिनों में भूमि की सतह के नीचे का तापमान कम होता है, जबकि ठंड में जब जमीन की सतह ठंडी होती है तब सतह के नीचे का तापमान तटस्थ अधिक होता है। इस प्रणाली में प्राकृतिक रूप से तापमान को कम करने की टेक्निक का उपयोग किया गया है।

गर्म हवा निकालने के लिए

छत से नीचे की ओर कमरे में दो पाइप इस तरह लगाए गए हैं। किस कमरे की गर्म हवा ऊपर आती है। छत पर लगी सोलरलाइट इस गर्म हवा को खींचकर बाहर निकाल देती है।

कमरे के अंदर इस तरह से 8 इंच के दो पाइप हैं। दो और दूसरा 3 मीटर की गहराई पर। इनका ऊपरी सिरा जमीन की सतह पर खुला है। इससे ठंडी हवा कमरे में जाती है।

अंदर खा भी लगे हुए हैं

जमीन के भीतर जहां पाइप लगे हैं, वहां गड्ढे भी लगाए गए हैं। यही रिपोर्ट यहां स्थापित कंट्रोल मशीन में रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक एयर हीट एक्सचेंजर प्रणाली से इमारत को तापमान के अनुसार आरामदायक बनाया जा सकता है।

5 लाख में हुआ तैयार

कांगे के प्रिंसिपल डॉ। केवी राव ने अपने पिता की स्मृति में खुद के खर्च पर इसे तैयार किया है। इसमें लगभग 5 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसे तैयार करने में लगभग 6 महीने का वक्त लगा दिया गया है।

80 हजार खर्च कर घर पर भी लगाए जा सकते हैं

राव ने डॉ। वीएन बरतारिया के निर्देशन में इसे तैयार किया गया है। डॉ। राव ने बताया कि यह रिसर्च सेंटर है इसलिए इसमें लगाए गए हैं। अगर कोई अपने घर पर 1500 वर्गफीट के घरों में इसे लगाता है तो इसका खर्च 80 हजार रुपये के आसपास होगा। घर में एसी की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कोई भी छात्र यहां आकर इस प्रणाली को समझ सकता है। यह प्राकृतिक संसाधन पर आधारित प्रणाली है।

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