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आत्महत्या करने आई महिला को बचानेकर खुद शहीद हो गए आरपीएफ के ज्ञानचंद


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प्रयागराज मंडल के भरवारी रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने आई महिला को बचाने के प्रयास में आरपीएफ का एक जवान मंगलवार की रात शहीद हो गया। भरवारी स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के हेड कांस्टेबल ज्ञानचंद्र की इस बहादुरी की रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सराहना की। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि अपना दायित्व निभाते हुए, रेल परिवार के हमारे सदस्य के असामयिक निधन पर बहुत दुख हुआ। ईश्वर ने उन्हें मोक्ष प्रदान किया।

बीती रात ज्ञानचंद्र दस बजे से आउट पोस्ट भरवारी में तैनात थे। देवरिया निवासी रात में पेट्रोलिंग कर रहे थे तो उनकी निगाह प्लेटफार्म नंबर पर पड़ी थी। उन्होंने देखा कि एक महिला मेन अप अप लाइन के बीच खड़ी है। इसी तरह से प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस के लिए सिग्नल ग्रीन हुआ। महिला को मेन लाइन पर खड़ा देखकर ज्ञानचंद ने उसे आवाज लगाई।

महिला की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया न होने की स्थिति में ज्ञानचंद प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। एनसीआर के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि ट्रैक पर तेज गति से जयपुर एक्सप्रेस आती देख ज्ञानचंद्र ने महिला को रेलवे लाइन से प्लेटफार्म की ओर धकेल दिया। महिला दूसरी ओर जा रही है और उसे मामूली अंक आई, लेकिन ज्ञानचंद खुद को ट्रेन की चपेट में आने से बचा नहीं सके। वह रात 11.41 बजे प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। महिला की जान बचानेते हुए स्वयं ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए।

बस बीच घायल महिला को 108 एम्बुलेंस पर कॉल द्वारा उपचार के लिए सिविल अस्पताल मंझनपुर भिजेड गया। उधर मौके पर ही देर रात आरपीएफ के तमाम वरिष्ठ अफसर पहुंच गए। बुधवार को डीआईजी आरपीएफ आरएसपी सिंह, वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त / रेल सुरक्षा बल मनोज कुमार सिंह सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों ने उन्हें राजकीय सम्मान दिया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे से भी लपेटा दिया। राजकीय सम्मान देने के बाद ज्ञानचंद का पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव जिला देवरिया भेज दिया गया।

प्रयागराज मंडल के भरवारी रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने आई महिला को बचाने के प्रयास में आरपीएफ का एक जवान मंगलवार की रात शहीद हो गया। भरवारी स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के हेड कांस्टेबल ज्ञानचंद्र की इस बहादुरी की रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सराहना की। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि अपना दायित्व निभाते हुए, रेल परिवार के हमारे सदस्य के असामयिक निधन पर बहुत दुख हुआ। ईश्वर ने उन्हें मोक्ष प्रदान किया।

बीती रात ज्ञानचंद्र दस बजे से आउट पोस्ट भरवारी में तैनात थे। देवरिया निवासी रात में पेट्रोलिंग कर रहे थे तो उनकी निगाह प्लेटफार्म नंबर पर पड़ी थी। उन्होंने देखा कि एक महिला मेन अप अप लाइन के बीच खड़ी है। इसी तरह से प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस के लिए सिग्नल ग्रीन हुआ। महिला को मेन लाइन पर खड़ा देखकर ज्ञानचंद ने उसे आवाज लगाई।

महिला की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया न होने की स्थिति में ज्ञानचंद प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। एनसीआर के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि ट्रैक पर तेज गति से जयपुर एक्सप्रेस आती देख ज्ञानचंद्र ने महिला को रेलवे लाइन से प्लेटफार्म की ओर धकेल दिया। महिला दूसरी ओर जा रही है और उसे मामूली अंक आई, लेकिन ज्ञानचंद खुद को ट्रेन की चपेट में आने से बचा नहीं सके। वह रात 11.41 बजे प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। महिला की जान बचानेते हुए स्वयं ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए।

बस बीच घायल महिला को 108 एम्बुलेंस पर कॉल द्वारा उपचार के लिए सिविल अस्पताल मंझनपुर भिजेड गया। उधर मौके पर ही देर रात आरपीएफ के तमाम वरिष्ठ अफसर पहुंच गए। बुधवार को डीआईजी आरपीएफ आरएसपी सिंह, वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त / रेल सुरक्षा बल मनोज कुमार सिंह सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों ने उन्हें राजकीय सम्मान दिया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे से भी लपेटा दिया। राजकीय सम्मान देने के बाद ज्ञानचंद का पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव जिला देवरिया भेज दिया गया।





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