Home देश की ख़बरें इसरो का साल का पहला मिशन कामयाब: ई-गीता और पीएम मोदी की...

इसरो का साल का पहला मिशन कामयाब: ई-गीता और पीएम मोदी की तस्वीर अंतरिक्ष में भेजी गई, 19 कैमरे भी लॉन्च हुए, आमतौर पर 13 साल पहले


  • हिंदी समाचार
  • राष्ट्रीय
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) | इसरो, नासा, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी), पीएसएलवी सी 51 अमोनिया 1 मिशन, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल), चाम्रदय 3, गगनयान

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

चेन्नई4 घंटे पहले

भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण (PSLV) के माध्यम से रविवार को 19 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए। भारतीय पैनल PSLV-C51 को रविवार सुबह 10.24 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC) से एक लॉन्च पैड के सहारे छूट गए।

इन कैमरों में चेन्नई की स्पेस किड्ज इंडिया (SKI) का सतीश धवन ST (SD-ST) भी शामिल है। इस अंतरिक्ष यात्री के टॉप पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो उकेरी गई है। SKI के मुताबिक, इसके साथ एक एसडी कार्ड में सेव ‘भगवद गीता’ भी भेजी गई है।

इस वर्ष से 637 किलो के जेसीियन उपग्रह अमेजोनिया -1 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया। इसके अलावा 18 अन्य ब्लूटूथ भी अंतरिक्ष में भेजे गए। इनमें से 13 अमेरिका से हैं। 2021 में भारत का यह पहला अंतरिक्ष अभियान PSLV टीवी के लिए काफी लंबा रहा, क्योंकि इसकी उड़ान की समय सीमा 1 घंटा 55 मिनट और 7 सेकंड थी। रविवार सुबह क्रिस्टल की लॉन्चिंग के साथ ही भारत की तरफ से लॉन्च किए गए विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स की कुल संख्या 342 हो गई।

अमेजन क्षेत्र में वन्स की कटाई पर नजर डालें
इसरो के अनुसार, अमेजान -1 उपग्रह की मदद से अमेजन क्षेत्र में वन्स की कटाई और बार्सिलोना में कृषि क्षेत्र से संबंधित अलग-अलग विश्लेषणों के लिए यूजर्स को रिमोट सेंसिंग डेटा प्रदान कर मौजूदा संरचना को और भी मजबूत बनाने का काम किया जाएगा।

18 में से 3 एयरलाइंस भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के संघ यूनिटीसैट्स से
18 अन्य रेडियो-में से चार इन-स्पेस से हैं। इनमें से तीन भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के संघ यूनिटीसैट्स से हैं, जिनमें श्रीपेरंबदुर में स्थित जेएपीआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजीज, नागपुर में स्थित जीएच रायसोनी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और कोयंबटूर में स्थित श्री शक्ति इंस्टीट्यूट ऑफ केवी एंड टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। एक का निर्माण सतीश धवन मोबाइल स्पेस किड्ज इंडिया द्वारा किया गया है और 14 एनएसआईएल से हैं।

भारत-ब्राजील के भविष्य की बात: सीवान
इसरो के अध्यक्ष के। सिवन ने कहा कि यह भारत और जेस दोनों पक्षों के लिए अपमान का विषय है। अमेजोनिया -1 को पूरी तरह से जेस के वैज्ञानिकों ने बनाया और विकसित किया था। इसके लिए हम उन्हें जीत देते हैं।

खबरें और भी हैं …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments