Home जीवन मंत्र इस बीमारी के कारण अपनी मां-बाप की हत्या करना चाहती थी लड़की,...

इस बीमारी के कारण अपनी मां-बाप की हत्या करना चाहती थी लड़की, कहीं आपके आसपास भी तो नहीं है? जानिए


जो लोग सीलिएक बीमरी से जूझ रहे हैं, उन्हें ग्लूटलेस खाना खाने की जरूरत है

ग्लूटन (ग्लूटेन) एक प्रकार का प्रोटीन (प्रोटीन) है जो कुछ अनाजों में पाया जाता है। ग्लूटन सबसे ज्यादा गेहूं (गेहूं) में होता है। राई, जौ, माल्ट और माल्ट-यन्न खाद्य उत्पाद (माल्ट सिरका) में भी ग्लूटेन होता है। ग्लूटन पानी के साथ मिश्रित होने पर अनाज के आटे को एक खिंचाव वाली बनावट प्राप्त करने में मदद करता है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:31 दिसंबर, 2020, शाम 5:24 बजे IST

अमेरिका (अमेरिका) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स में एक 37 साल की एक पीएचडी स्कॉलर महिला ने अपने माता-पिता को जान से मारने की कोशिश की है। वास्तव में वह महिला ग्लूटन (ग्लूटेन) प्रेरित मनोविकृति से ग्रसित थी। उसे ऐसा लगने लगा कि हर कोई उसे जान से मारना चाहता है। जब उसका इलाज शुरू हुआ तो डॉक्टरों ने उसे ग्लूटन रहित खाना खाने के लिए कहा। लेकिन उसको लगा कि डॉ। भी उसके खिलाफ कोई साजिश रच रहे हैं। उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। इस कारण से उसकी नौकरी चली गई। उसके खुदकुशी करने की भी कोशिश की। एक बार अपनी मनोविकृति के कारण उसने अपने माता-पिता को भी मारने की भी कोशिश की। ऐसे में उसे जेल भी जाना पड़ा। जब उन्होंने डॉक्टरों के सुझाव पर ग्लूटन रहित आहार लेना शुरू किया तो उसकी मासिक स्थिति पहले से बेहत हो गई लेकिन जब भी वह ऐसा खाना खाती थी तो उसकी नस फिर खराब हो जाती थी। वैज्ञानिक अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि ग्लूटन के आहार से किसी की मानसिक स्थिति कैसे बिगड़ सकती है। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि ग्लूटन क्या होता है और किन लोगों को इसे नहीं खाना चाहिए।

क्या होता है ग्लूटन?
ग्लूटन एक प्रकार का प्रोटीन है जो कुछ अनाजों में पाया जाता है। ग्लूटन सबसे ज्यादा गेहूं में होता है। राई, जौ, माल्ट और माल्ट-यन्न खाद्य उत्पाद (माल्ट सिरका) में भी ग्लूटेन होता है। ग्लूटन पानी के साथ मिश्रित होने पर अनाज के आटे को एक खिंचाव वाली बनावट प्राप्त करने में मदद करता है। ग्लूटन के ही कारण ब्रेड फ्ल्वी होता है। ग्लूटन की ही वजह से स्वाद बढ़ता है। ऊपर दिए गए उदाहरण की ही तरह कई लोग ग्लूटन सेंसिटिव होते हैं की की उन्हें ग्लूटन हाम नहीं होता है। यदि वह ग्लूटन खाते हैं तो उन्हें कई प्रकार के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इस कारण से आज के समय में ग्लूटन रहित डाइट का प्रचलन है। जो लोग सीलिएक बीमारी से ग्रसित होते हैं उन्हें ग्लूटन रहित डाइट खाने की सलाह दी जाती है। 100 में से 1 ही व्यक्ति को यह बीमारी होती है। इस बीमारी में व्यक्ति ग्लूटन हाम नहीं कर पाता है और उसका सेवन करने से उसकी छोटी आंत को नुक्सान पहुंचता है। माना जाता है कि ग्लूटन रहित खाना खाने से वजन कम होता है और हाजमा ठीक होता है।

करना चाहिए ग्लूटन रहित आहार?जो लोग सीलिएक बीमरी से जूझ रहे हैं, उन्हें ग्लूटलेस खाना खाने की जरूरत है। जिनको ये बीमारी है, उनमें ग्लूटन हॉम नहीं होता है। उनकी छोटी आंत को बहुत नुकसान पहुंचता है। इसके कारण शरीर में न्यूट्रीशन की कमी हो जाती है। जिन लोगों का पेट अक्सर खराब रहता है, उन्हें ग्लूटन रहित खाना लेना चाहिए। क्योंकि अक्सर ऐसे लोगों को पेट दर्द, पेट फूलना, सूजन, दस्त और कब्ज की समस्या हो सकती है। कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें ग्लूटन हॉम नहीं होता है और उनके लक्षण सीलिएक बीमारी की तरह होते हैं लेकिन उन्हें ये बीमारी नहीं होती है। ऐसे में ग्लूटन रहित डाय लेना ही फायदे मंद है। यह नहीं है, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो गेहूं में पड़े किसी भी प्रोटीन को हाेम नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों को भी उन्हीं आहार को खाना चाहिए जिसमें ग्लूटन नहीं होता है।

ग्लूटन रहित डाइट से आपको बचना चाहिए?

हर किसी को ग्लूटन रहित डाइट नहीं लेनी चाहिए। जिन खानों में ग्लूटन होता है उनके खाने के भी बहुत फायदे होते हैं। गेहूं से बनने वाली चीजें जैसे कि ब्रेड, पास्ता, आदि में फाइबर होता है और उसके अलावा अन्य कई विटामिन पाए जाते हैं। बिना ग्लूटन वाला खाना खाने से आपके शरीर में ये सभी न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है। इसलिए अगर आपको कोई समस्या नहीं है तो आप ग्लूटन युक्त खाना जरूर खाएं। या फिर ऐसे खानों को ग्रहण करें जो आपके शरीर में वे सभी न्यूट्रिएंट्स प्रदान करते हैं जो ग्लूटन वाले खाने में होते हैं। ग्लूटन फ्री डाइट को खाने के लिए बहुत प्लानिंग की जरूरत होती है। इसलिए डॉ। से बिना सलाह लिए इस डाइट को फॉलो नहीं करना चाहिए।







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments