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ईपीएफ पर ब्याज: कल ईपीएफओ कर सकता है 2020-21 के लिए ब्याज दर की घोषणा, इस वर्ष इसमें गिरावट आ सकती है


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  • ईपीएफओ; ईपीएफ; पीएफ; कल EPFO ​​ने 2020 21 के लिए ब्याज दर की घोषणा की, इस वर्ष मई ब्याज में और कमी कर सकता है

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नई दिल्ली19 मिनट पहले

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) कल यानी 4 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए एम्प्लोई प्रोविडेंट फंड (EPF) पर ब्याज दर की घोषणा कर सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का फैसला लेने वाला निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की अगली बैठक 4 मार्च को श्रीनगर में होनी है। इस बैठक में ब्याज दर की घोषणा हो सकती है।

कम हो सकता है ब्याज आइटम हैं
अनुमान जताया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए प्रोविडेंट फंड डिपॉजिट्स की ब्याज दरें कम हो सकती हैं, जो 2019-20 के लिए 8.5% थी। क्योंकि COVID-19 के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है। आपको बता दें कि 2019-20 के लिए पीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर 2012-13 के बाद का यह सबसे न्यूनतम स्तर है। सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8.5% ब्याज देना का फैसला किया था, जो सात वर्षों में सबसे कम था। वित्त वर्ष 2018-19 में ईपीएफ या पीएफ पर 8.65% ब्याज दिया गया था। किस साल कितना ब्याज मिला …

  • वित्त वर्ष 2013-14 और 2014-15 में 8.75% थी।
  • वित्त वर्ष 2015-16 के लिए यह 8.80% था।
  • वित्त वर्ष 2016-17 के लिए ब्याज दर 8.65% थी।
  • वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 8.55% रहा।
  • वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 8.65% रहा।

जमा पर मिलता है सालाना ब्याज
नियमों के मुताबिक, सैलरी पाने वाले लोगों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12% राशि पीएफ खाते में योगदान करना अनिवार्य होता है।) नियोक्ता भी कर्मचारी के पीएफ खाते में बहुत ही योगदान देता है। हालांकि, कंपनी का हिस्सा दो हिस्सों में बांटा जाता है। इसमें से 8.33% पेंशन स्कीम में जाता है। वहीं, बाकी हिस्सा पीएफ खाने में जाता है। पीएफ खाते में योगदान किए गए अंश पर कंपाउंडिंग के आधार पर सालाना ब्याज मिलता है।

अब ब्याज पर देना होगा टैक्स
बजट 2021-20 में ईपीएफ से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स की घोषणा की गई थी। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख ईपीएफ में निवेश कर मुक्त होगा। उससे ज्यादा निवेश करने पर अडिशनल अमाउंट पर इंट्रेस्ट से होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा। मतलब अगर आपने 3 लाख रुपए सालाना जमा किया है तो 50 हजार पर ब्याज से जो कमाई होगी उस पर आपकी टैक्स स्लैब की पास से टैक्स जमा होंगे। अभी तक इंट्रेस्ट इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री था।

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