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एमपी का आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21: एमपी की जीडीपी 3.37% की गिरावट; प्रति व्यक्ति आमदनी 62 हजार 236 से घटकर 58 हजार 425 पर आई, बेरोजगारों की संख्या 25 लाख तक पहुंची


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  • मप्र की जीडीपी 3.37% बढ़ी; प्रति व्यक्ति आय 62,236 रुपये से घटकर 58,425 रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.12% कम है

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भोपाल3 मिनट पहलेलेखक: राजेश शर्मा

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राज्य सरकार ने वर्ष 2020-21 का आर्थिक सर्वेक्षण विधानसभा में जारी कर दिया है। इसका कहना है कि मध्य प्रदेश की जीडीपी वर्ष 2020-21 में (सकल घरेलू उत्पाद) पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में 3.37% की गिरावट आई है। सरकार को अनुमान है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रदेश की जीडीपी 5 लाख 60 हजार 845 करोड़ रुपये रहेगी। इसी तरह प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 62 हजार 236 से घटकर 58 हजार 425 रुपये हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में 6.12% की कमी आई है। 2020 की स्थिति में बेरोजगारों की संख्या 24.72 लाख हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की विकास दर में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 3.9% की कमी पूर्वानुमान है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम (MSME) उद्योग के पंजीकरण में वर्ष 2019-20 में 3.35% की कमी आई। 2018-19 में प्रदेश में ऐसे regord उद्योगों की संख्या 2.98 लाख थी जो वर्ष 2019-20 में घट कर 2.88 लाख रह गई।

केरल से सरकार की आय में 27.4% की कमी आई। सरकार को 2019-20 में केरल से 1798.3 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वित्तीय वर्ष में उत्पादन मूल्य 2476.58 करोड़ रहा।]बिजली से मिलने वाले राजस्व में 14.86% की वृद्धि हुई।

मांस-अंडे का उत्पादन बढ़ा
मृप में अंडे व मांस उत्पादन के आंकड़े भी सरकार ने जारी किए हैं। जिसके अनुसार वर्ष 2019-20 प्रदेश में 237 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 23 करोड़ से अधिक है। इसी तरह मांस का उत्पादन 2019-20 में 9.34% की वृद्धि हुई। हालांकि इस अवधि में दूध का उत्पादन भी 2801 और टन बढ़ गया।

प्रधान मंत्री बीमा योजना के 179.17 करोड़ रुपये नहीं बांटे जा सके
प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नष्ट होने पर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सहायता देने के लिए 2020-21 में 799.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। जिसमें से 620.83 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। 179.17 करोड़ रुपए बंद नहीं हो पाए।

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