Home उत्तर प्रदेश कभी गुदगुदाया तो कभी एहसासों को जगाया, गाजीपुर में सजी अमर उजाला...

कभी गुदगुदाया तो कभी एहसासों को जगाया, गाजीपुर में सजी अमर उजाला काव्य कैफे का माहिल।


उत्तर प्रदेश के गाजीपुर शहर के महुआबाग स्थित कान्हा हवेली बृहस्पतिवार की शाम काव्य संध्या के भव्य आयोजन की गवाह बनी हुई है। अमर उजाला काव्य कैफे की महफिल में वसंत की खुशबू बिखेरती निशा में कवियों ने अपनी रचनाओं से कभी गुदगुदाया तो कभी एहसासों को जगाया तो कभी देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत दिया। कवियों ने समाज की वैमनस्यता और दंगों के दुष्परिणम बताते हुए व्यंग्य बाण छोड़े। इस दौरान देर रात तक जागते काव्य की सरिता में गोते लगाते रहे।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक डाॅ। ओमप्रकाश सिंह, मुख्य मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता और टाइटिल स्पांसर सनशाइन पब्लिक स्कूल जमानिया के चेयरमैन सर्वानंद सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अमर उजाला परिवार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सीडीओ को बुके और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके बाद कार्यक्रम के प्रायोजकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कवयित्री डा। भुवन मोहिनी को सर्वानंद सिंह, जगदीश सोलंकी को सुरेंद्र यादव, शंभू शिखर को राजेश और गजेंद्र प्रियांशु को दिलीप अग्रहरि ने बुके प्रदान कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील सिंह, गौरव गुप्ता, उबेदुर्रहमान, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मदन सिंह कुशवाह, इंटर्न पावर लिफ्टर अमित राय, संतोष वर्मा, डेंटिस्ट डाॅ। मनीष राय, संजीव गुप्ता, सुमित अग्रवाल, प्रभाकर त्रिपाठी, सविता सिंह, दिलीप वर्मा, विनोद राय बाचा, मनिंद्र कुशवाहा, अमित राय, श्रीप्रकाश केसरी, अनिल उपाध्याय, जयप्रकाश पांडेय, दीपक उपाध्याय, राजू उपाध्याय, राजू उपाध्याय, दुर्गविजय सिंह, शिवराज सिंह सिंह, लोहा सिंह आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने किया। अगली स्लाइड पर क्लिक करें पढ़ें …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments