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किसान विज्ञान भवन पहुंचे: 2 बजे सरकार के साथ बैठक होगी, किसान नेता बोले- तीनों कृषि कानून वापस होना चाहिए


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नई दिल्ली6 मिनट पहले

किसान नेता सिंघु बॉर्डर से बस में सवार होकर विज्ञान भवन पहुंचे।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 35 वां दिन है। किसानों की 2 बजे सरकार से बातचीत शुरू होगी। किसान नेता विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। हालांकि, वे तीनों कानून वापस लेने और एमएसपी पर अलग कानून लाने की मांग पर अड़े हैं। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के नेता हरमीत सिंह कादिया ने कहा कि सभी किसान संगत इस बैठक को अंतिम बातचीत के तौर पर मान कर चल रहे हैं।

अपडेट्स

  • केंद्रीय एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा है कि आज बातचीत का नतीजा निकलने की उम्मीद है। एमएसपी में सभी मुद्दों पर खुले दिमाग से बात की जाएगी। उम्मीद है किसान आज आंदोलन खत्म कर देंगे।
  • किसान मजदूर संघर्ष समिति, पंजाब के जॉइंट सेक्रेटरी सुखविंदर सिंह सबरा ने कहा है कि सरकार से पिछली बैठकें बेनतीजा बनी हुई है, आज भी कोई हल निकलने की उम्मीद नहीं है। सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेना चाहिए।
  • किसानों के समर्थन में पंजाब में लोग रिलायंस जियो के टावर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए कंपनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री और DGP को चिट्ठी लिखकर दखल देने की मांग की है।
  • भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि देश में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है, जिससे सरकार को डर बना रहे। लेकिन, ऐसा नहीं होने की वजह से किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा। कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्ष को सड़कों पर प्रदर्शन करना चाहिए।

21 दिन के बाद बातचीत
किसानों और सरकार के बीच पहले हुआ 6 दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। अंतिम मुलाकात 8 दिसंबर को हुई थी उसके बाद बातचीत का दौर थम गया था और किसानों ने विरोध तेज कर दिया था। ऐसे में सरकार ने 3 बार चिट्ठियां लिखकर किसानों को मिलने के लिए मनाने की कोशिश की। आखिरकार किसान बैठक के लिए तो राजी हो गए, लेकिन कहा कि उनकी एजेंडे पर चर्चा करें।

शाह ने 3 कलाकारों के साथ 2 घंटे की बैठक कर स्ट्रैटजी बनाई
संयुक्त किसान मोर्चा ने बातचीत के लिए राजी होने का ईमेल मंगलवार को सरकार को भेजा। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने बैठक कर स्ट्रैटजी बनाई। कृषि मंत्री ने शाह को बताया कि सरकार ने किसानों को क्या-क्या प्रपोजल भेजा है और किसानों का क्या एजेंडा है। 2 घंटे चली बैठक में चर्चा हुई कि दोनों पक्षों के एजेंडे में जो अंतर हैं, उन्हें कैसे कम किया जाए।

कृषि मंत्री की अपील- किसान खुले और साफ मन से बात करें
आखिर में तय हुआ कि सरकार पहले अपने पुराने प्रस्ताव पर जश्न-मनाने की कोशिश करेगी। बात नहीं बनी तो कुछ और बदलाव के प्रपोजल रखे जा सकते हैं। बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि बातचीत पॉजिटिव रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खुले और साफ दिमाग से बात करें, जिससे किसी नतीजे पर पहुंच सकें।

पिछली 6 बैठकें बेनतीजा रहीं

मुलाकात का दिन क्या हुआ?
14 अक्टूबर बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की जगह कृषि सचिव आए। किसान संगठनों ने बैठक का बायकॉट कर दिया। वे कृषि मंत्री से ही बात करना चाहते थे।
13 नवंबर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किसान संगठनों के साथ बैठक की। 7 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
1 दिसंबर 3 घंटे बात हुई। सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी बनाने का सुझाव दिया, लेकिन किसान संगठन तीनों कानून रद्द करने की मांग पर ही अड़े रहे।
3 दिसंबर सात घंटे तक बातचीत चली। सरकार ने वादा किया कि एमएसपी से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। किसानों का कहना था कि सरकार एमएसपी पर जोर देने के साथ-साथ तीनों कानूनों को भी रद्द कर देगी।
5 दिसंबर सरकार एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हुई, लेकिन किसानों ने साफ कहा कि कानून रद्द करने पर सरकार हां या न में जवाब दे।
8 दिसंबर भारत बंद के दिन ही गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की। अगले दिन सरकार ने 22 पेज का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसान संगठनों ने इसे अस्वीकार कर दिया।

पंजाब के एक और किसान ने दम तोड़ा
टिकारी बॉर्डर पर चलने पर प्रदर्शन में एक महीने से बैठे गांव धर्मपुरा के किसान प्यारा सिंह (75) की ठंड लगने से से हो गए हैं। वे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा से जुड़े हुए थे। वहीं 24 दिसंबर को सड़क हादसे में जख्मी हुई दौदड़ा के मजदूर दर्शन सिंह की सड़क मंगलवार को मौत हो गई।

विरोध का गजब तरीका- बैक गियर में कनेक्टर
पंजाब में बरनाला के गांव उग्रता के दो किसान ट्रैक्टर को बैक गियर में डालकर लगभग 224 किमी दूर सिंघु बॉर्डर के साथ छोड़ दिया गया। इसके माध्यम से उन्होंने यह मैसेज दिया कि केंद्र सरकार भी कृषि कानूनों पर बैक गियर लगाए।





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