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केरल किस करवट बैठेगा: ‘गॉड्स ओन कंट्री’ में 18.38% क्रिश्चियन, 26.56% मुस्लिम सरकार मेक-फेट हैं; मालाबार में लेफ्ट तो त्रिशूर-एर्नाकुलम में कांग्रेस मजबूत


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  • एर्नाकुलम केरल का मुंबई है, यहाँ से राज्य के राजस्व का 60% आता है; वायनाड मोस्ट पीसफुल डिस्ट्रिक्ट

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तिरुवनंतपुरम21 घंटे पहलेलेखक: गौरव पांडेय

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  • भाजपा ने तिरुवनंतपुरम और कासरगोड जिले में पिछले कुछ वर्षों में अपनी पैठ को मजबूत किया है
  • एर्नाकुलम केरल का मुंबई है, राज्य का 60% रेवेन्यू यहीं से आता है, वायनाड सबसे पीसफुल जिला

भगवान के अपने देश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये चुनाव केरल में हैं और केरल को ‘गॉड्स ओन कंट्री’ कहा जाता है। इसके पीछे यहां के लोगों की मान्यता है कि वर्ष में एक बार ओणम के दौरान भगवान महाबली केरल आते हैं। ये बात यहाँ हर किसी को रची-बसी है। इसी तरह और भी बहुत कुछ खास है केरल में, आइए जानते हैं …

अलाप्पुझा सबसे स्वच्छ और कोज़िकोड सबसे खूबसूरत शहर

केरल का सबसे बड़ा जिला पलक्कड़ है। अलाप्पुझा सबसे साफ शहर है। सबसे खूबसूरत शहर कोज़िकोड है। सबसे बड़ा शहर कोच्चि है। कोल्लम सबसे पुराना शहर है। सबसे पीसफुल डिस्ट्रिक्ट वायनाड है। प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से एर्नाकुलम राज्य का सबसे सम्पन्न जिला है। केरल का 60% रेवेन्यु इसी जिले से आता है। यह राज्य का सबसे बड़ा कॉमर्शियल सेंटर है। कोच्चि इसी जिले में आता है। कोच्चि या एर्नाकुलम को केरल का मुंबई कहा जाता है। कोच्चि को ‘अरबियन ऑफ अरबियन’ के नाम से भी जाना जाता है।

40 साल से केरल की कुर्सी एलडीएफ और यूडीएफ इंजनों के पास ही रही है

राज्य में दो बड़े पॉलिटिकल लिमिटेड हैं। पहले क्यू का नाम लेफ्ट डेमोक्रेटिक लिमिटेड (एलडीएफ) है, जिसका नेतृत्व सीपीआईएम करता है। दूसरे सीएनसी का नाम यूके डेमोक्रेटिक लिमिटेड (यूडीएफ) है। 1982 के बाद से राज्य की राजनीति में दोनों ओर के के-इर्द-गिर्द घूमने का चलन है।

वर्तमान में राज्य में एलडीएफ की सरकार है। पिछली विधानसभा में इस एमआर को 140 में से 92 सीटों पर जीत मिली थी। 1979 के बाद से हर 5 साल बाद उसी में कुछों के पास ही सत्ता आती-जाती रहती है।इनसे जुड़ी ज्यादातर पार्टियां लॉयल ही रही हैं। हालांकि इस बार यूडीएफ के गठबंधन विज्ञान में फूट पड़ गया है।

राज्य में क्रिश्चियंस की आबादी 18.38% फीसद और मुस्लिम आबादी 26.56% फीसद है। ये दो माइनॉरिटी कम्युनिटी का ट्रेंड ही केरल की सत्ता तय करता है। राज्य की सियासत में चर्च और ट्रेड यूनियंस का भी खासा दबदबा है।

मालाबार का इलाका कम्युनिस्टों का गढ़, त्रिशूर-एर्नाकुलम में कांग्रेस मजबूत

कम्युनिस्ट हार्ट लैंड- ग्रंथबार रीजन विशेष रूप से कन्नूर और पलक्कड़ जिले कम्युनिस्ट पार्टी के गढ़ हैं। इन्हें कम्युनिस्ट हार्ट लैंड भी कहा जाता है। कोल्लम और अलाप्पुझा जिलों में ट्रेड यूनियंस की मजबूत पकड़ है, इन यूनियंस में ज्यादातर लेफ्ट से ही जुड़ी हुई हैं।

कांग्रेस के गढ़- त्रिशूर, एर्नाकुलम, कोट्टियम, पतनमतिटटा और तिरुवनंतपुरम रीजन और इडुक्की के कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस की मजबूत पकड़ है।

भाजपा की पकड़- तिरुवनंतपुरम और कासरगोड क्षेत्रों में भाजपा ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पैठ को मजबूत किया है।

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