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कोरोना वायरस के कहर से ऐसे बचाएं अपने पैसे, यहां हो सकता है लाखों रुपये का मुनाफा


नई दिल्ली. कोरोना वायरस की चेपट में भारत समेत अब तक करीब 70 देश आ चुके हैं. इसका असर अब कारोबार के साथ-साथ शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है. देश-दुनिया में इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान कोरोना वायरस के कारण महामारी की आशंका में हुआ है. इस गिरावट में म्यूचुअल फंड्स निवेशकों (Mutual Funds Scheme) के 27 हजार करोड़ रुपये डूब गए हैं. इसमें सबसे ज्यादा गिरावट लार्ज कैप फंड्स की स्कीम में आई है. 19 से लेकर 28 फरवरी के बीच लार्जकैप फंड्स (Top Mutual Funds Scheme Returns) में 6,685 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हालांकि, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि साल 2003 में SARS, साल 2016 में ZIKA वायरस जैसे महामारी के दौर में बाजार में निवेश का अच्छा मौका मिला था. ऐतिहासिक तौर पर देखा गया है कि ऐसी गिरावट के बाद बाजार में तेज सुधार आता है. दूसरे शब्दों में कहें तो जब बाजार पर जोखिम का असर नजर आ चुका हो तो हर गिरावट के बाद निवेश करना चाहिए.

क्यों है ये खरीदारी का अच्छा मौका- वारेन बफे हों या राकेश झुनझुनवाला, दिग्गज निवेशक हमेशा से ही बाजार में लंबी अवधि का लक्ष्य रखकर ही निवेश की सलाह देते हैं. उनका कहना है कि निवेश करने के बाद बार बार रिटर्न देखने की बजाए इंतजार करना चाहिए. अच्छा निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देता है.

कैपिटल मार्केट के जानकार हमेशा यही सलाह देते हैं कि निवेश की अवधि लंबी रखने पर ज्यादा रिटर्न की गारंटी बढ़ जाती है. लंबी अवधि में किए जाने वाले निवेश पर कंपाउंडिंग का भी फायदा मिलता है. आप अगर कंपाउंडिंग की ताकत सही से समझ लें तो आपको अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता है.

ये भी पढ़ें: सरकार डबल कर सकती है EPS पेंशन, 5 मार्च को होगा इस पर फैसलाकोरोना से कैसे बचाएं अपना पैसा- अपने पोर्टफोलियो को बचाने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें. इसके साथ ही इमरजेंसी फंड बनाएं. टर्म प्लान भी जरूर खरीदें. इससे डरकर निवेश ना रोकें बल्कि SIP बढ़ाने की कोशिश करें. बाजार की चाल से डरें नहीं. इससे डरकर पोर्टफोलियो में बदलाव की जल्दबाजी ना करें. इस परिस्थिति में भी लक्ष्यों पर फोकस करें.

क्या है कंपाउंडिंग पावर- निवेश की कमाई को फिर से निवेश करना कंपाउंडिंग कहलाता है. इसमें मूलधन के साथ उसके ब्याज पर भी ब्याज कमाया जाता है. कंपाउंडिंग निवेश बढ़ाने का जरिया है. MF में SIP के जरिए निवेश एक बेहतर विकल्प होता है. इसमें लंबी अवधि के निवेश पर ज्यादा फायदा होता है. रिटायरमेंट के लिए निवेश का बेहतर विकल्प होता है. हालांकि लक्ष्य कोई भी हो निवेश में अनुशासन जरूरी होता है.

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5 साल निवेश पर कंपाउंडिंग
मासिक SIP – 5,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न – 12 प्रतिशत
कुल निवेश: 3 लाख रुपये
SIP की कुल वैल्यू – 4.1 लाख रुपये
फायदा – 1.12 लाख रुपये

10 साल निवेश पर कंपाउंडिंग
मासिक SIP – 5,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न – 12 प्रतिशत
कुल निवेश – 6 लाख रुपये
SIP की कुल वैल्यू – 11.6 लाख रुपये
फायदा – 5.6 लाख रुपये

15 साल निवेश पर कंपाउंडिंग
मासिक SIP – 5,000 रुपये
नुमानित रिटर्न – 12 प्रतिशत
कुल निवेश – 9 लाख रुपये
SIP की कुल वैल्यू – 25.2 लाख रुपये
फायदा – 16.23 लाख रुपये

20 साल निवेश पर कंपाउंडिंग
मासिक SIP – 5,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न – 12 प्रतिशत
कुल निवेश – 12 लाख रुपये
SIP की कुल वैल्यू – 50 लाख रुपये
फायदा – 38 लाख रुपये

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