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कोविड वैक्सीनेशन सेकेंड फेज: यूपी के मथुरा के इन अस्पतालों और सेंटरों में लगाए जा रहे हैं


सोमवार एक मार्च से देश भर में कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे फेज की शुरुआत हुई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे फेज (कोरोना टीकाकरण दूसरे चरण) में मथुरा के दो सरकारी अस्पतालों- महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय और लक्ष्मी नगर स्वास्थ्य केंद्र तो वहीं एक प्राथमिक अस्पताल गोपी कृष्ण नर्सिंग होम में कोरोना वैक्सीन अभियान जारी है। इसके अलावा सेकंड फेज में आठ स्थानों पर लेक लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है

मथुरा। सोमवार से शुरू हुए कोविड वैक्सीनेशन (कोविद 19 वैक्सीन) के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश के मथुरा (मथुरा) शहर में तीन स्थानों पर टीका लगाया जा रहा है। इसमें दो सरकारी अस्पताल- महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय और लक्ष्मी नगर स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा सेकंड फेज में आठ स्थानों पर लेक लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

दूसरे फेज में जो भी व्यक्ति कोरोना वैक्सीन लगवाना चाहता है कि वह अपने सबसे निकट के सरकारी केंद्र पर जा सकता है, और यदि वह निजी अस्पताल में टीका लगवाना चाहता है तो वह वहां का रूख कर सकता है। मथुरा में अभी प्राथमिक अस्पतालों की सूची तैयार हो रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना ​​है कि अधिक केंद्र होने की वजह से केंद्र पर भीड़ बहुत कम होगी। साथ ही सीनियर सिटीजन आसानी से उन केंद्रों तक पहुंच जाएगा। इस संबंधित में कोविड नोडल अधिकारी डॉ। भूदेव ने बताया कि हर व्यक्ति चाहे वह शहर में रहता हो या फिर वहां का रहने वाला हो जहां ज्यादा कोरोना संक्रमण का ज्यादा प्रभाव न रहा हो, उन पास के अस्पताल केंद्र हो सकता है और वहां कोरोना वैक्सीनेशन करवा हो सकता है।

मथुरा में अभी तक 20 हजार लोगों को लगाई गईoc

कोरोना से बचाव के लिए लोगों को कोविशील्ड और को-वैक्सीन लगाई जा रही है। अभी तक 20 हजार लोगों को यह दोनों वैक्सीन लगाई जा चुकी है जिसमें से कुछ लोगो को मामूली साइड इफेक्ट्स हैं। यदि कोई अधिक परेशानी होती है तो कंट्रोल रूमैंड सेंटर पर बात कर सकते हैं। इसके अलावा निकटतम अस्पताल या हेल्पलाइन नंबर को बताया जाता है कि वहां से भी संपर्क किया जा सकता है ।कोरोना के खिलाफ जंग को जीतने के लिए ही सरकार ने वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की उम्र में छूट देते हुए इसे अब 45 साल कर दिया है। पहले 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को ही कोरोना वैक्सीन लगाई जानी थी। इन बीमारी वाले लोगों में कोरोना संक्रमण फैलने की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं इसीलिए उम्र में यह छूट दी गयी है। इसलिए जो भी व्यक्ति कोरोना वैक्सीन लगवाना चाहता है उसे अपनी एक आईडी के बारे में निकटतम केंद्र पर जाना होगा। यहां उसका एक कार्ड बनेगा जिस पर लिखा जाता है कि अमुक व्यक्ति को कौन सी वैक्सीन लगाई गई है ताकि आगे भी उसको वही वैक्सीन लगे।

डॉ। भूदेव ने बताया कि ऐसा नहीं है कि जहां भी वैक्सीनेशन सेंटर है, वह अलग बनाये गए हैं और उसमें सभी चीजों का रख रखा गया है। केंद्र अलग-अलग स्थानों पर बने हुए हैं। पहला वेटिंग रूम जिसमें थर्मल सर्किट होता है उसके बाद वैक्सीनेशन रूम होता है जिसमें वैक्सीन लगाई जाती है। तीसरा कक्ष ऑब्जर्वेशन का है जिसमें टीका लगवाने वाले व्यक्ति पर आधे घंटे तक नजर रखी जाती है ताकि उसे कोई परेशानी न हो।

वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या 200 निर्धारित

जिस पर किसी व्यक्ति को भी टीका लगाया जाएगा उसकी संख्या 200 निर्धारित है। जो भी लोग आएंगे उनकी गणना होती है, और जिन लोगों के पास डॉ का पर्चा है उनका पंजीकरण 45 वर्ष में किया जाएगा। नहीं तो फिर से 60 से ऊपर की उम्र वाले लोग ही सेकंड फेज में इसका लाभ ले पाएंगे।

डॉ। भूदेव ने बताया कि जो लोग किन्हीं वजहों से केंद्र पर समय से नहीं पहुंच पाते हैं तो उनके मोबाइल पर मैसेज करेंगे जिसके माध्यम से उन्हें पता चल रहा पाएगा कि आगे उस व्यक्ति को किस तारीख को पहुंचना है।







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