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कौन हैं अशोक लवासा जो अब बनेंगे एशियन डेवल्पमेंट बैंक के नए वाइस प्रेसीडेंट


चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की फाइल फोटो

अशोक लवासा (Ashok Lavasa) एडीबी (ADB-Asian Development Bank) में दिवाकर गुप्ता का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त होने जा रहा है.

नई दिल्ली. चुनाव आयुक्त अशोक लवासा (Ashok Lavasa Resigns) ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. लवासा अगले महीने फिलीपींस स्थित एशियाई विकास बैंक (ADB-Asian Development Bank) में वाइस प्रेसीडेंट यानी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं. अशोक लवासा ने 23 जनवरी 2018 को भारत के चुनाव आयुक्त के तौर पर पद संभाला था. वह हरियाणा कैडर (1980 बैच) के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने आर्थिक मामलों के संयुक्त सचिव रहते हुए एशियन डेवलपमेंट बैंक से दर्जनों डेवलपमेंट लोन लेने और वित्तीय एक्शन टास्क फोर्स बनाने के लिए बातचीत की.

वित्तीय सचिव रहते हुए लिए बड़े फैसले-अशोक लवासा उस वक़्त वित्त सचिव रहे जब सरकार में बड़े बदलाव या बड़े फैसले हुए. जीएसटी पेश किए जाने के वक़्त और रेल बजट को आम बजट में मिलाए जाने के वक़्त वो वित्त सचिव के पद पर थे.

इसके अलावा जब बजट पेश किए जाने की तारीख़ को चार हफ्ते आगे बढ़ा दिया गया, उस वक़्त भी वो वित्त सचिव के अहम पद पर थे. जब सामान्य वित्तीय नियमों में संशोधन किया गया, उस वक़्त भी वो ये अहम पद देख रहे थे. वहीं पर्यावरण सचिव रहते हुए भी उन्होंने कई नीतिगत और प्रक्रियात्मक सुधारों की पहल की. इसके अलावा भी उन्होंने बहुत से मंत्रालयों में अहम पद संभाले. वो ऊर्जा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रहे, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे, आर्थिक मामलों के विभाग (वित्त मंत्रालय) में भी संयुक्त सचिव का पद संभाला.


कौन है अशोक लवासा-अशोक लवासा का जन्म 21 अक्टूबर 1957 को हुआ था. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (इंग्लिश ऑनर्स) और इंग्लिश में ही एमए किया. लवासा ने ऑस्ट्रेलिया की सदर्न क्रॉस यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया है और उनके पास डिफेंस और स्ट्रेटेजिक स्टडिज़ में एम.फिल की डिग्री भी है. अशोक लवासा को फ़ोटोग्राफ़ी का काफ़ी शौक़ है. अलग-अलग शहरों में उन्होंने अपनी खींची तस्वीरों की प्रदर्शनियां भी की हैं. लवासा ने ‘एन अनसिविल सर्वेंट’ नाम की किताब भी लिखी है. ये किताब 2006 में छपी थी.

आईएएस बनने से पहले वो दिल्ली विश्वविद्यालय में अगस्त 1978 से दिसंबर 1979 तक लेक्चरर रहे. अशोक लवासा ने दिसंबर 1979 से जुलाई 1980 तक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफ़िसर के तौर पर भी काम किया.

भारत के चुनाव आयुक्त बनने से पहले वो 31 अक्टूबर 2017 को केंद्रीय वित्त सचिव के पद से सेवा-निवृत्ति हुए थे. भारत के वित्त सचिव रहने से पहले वो पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय में केंद्रीय सचिव रहे थे.

सक्रिय सेवा में अशोक लवासा को 37 से भी ज्यादा साल का अनुभव है. केंद्र और राज्य सरकार में रहते हुए उन्हें सुशासन और नीतिगत सुधार की पहलों में ख़ास योगदान देने का श्रेय दिया जाता है. अशोक लवासा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई कई वार्ताओं में भी मुख्य भूमिका निभा चुके हैं.

2015 में जलवायु परिवर्तन को लेकर हुए पेरिस समझौते के दौरान लवासा ने भारतीय टीम का नेतृत्व किया था. इसके अलावा मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और कन्वेंशन ऑन बायोडायवर्सिटी एंड डीसर्टिफिकेशन के दौरान भी उन्होंने भारतीय टीम को लीड किया था.








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