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गुजरात के डॉ। दंपती गर्भपात ना कराने की देते हैं सीखिए, शादी से पहले जन्मे 7 बच्चों को गोद में लिया


प्रतिनिधि छवि। (News18)

गुजरात समाचार: ठक्कर दंपति अब तक ऐसी सात लड़कियों के बच्चों को गोद में लेकर उनकी परवरिश कर रहे हैं, जो कुंवारी मां बनी हुई थीं।

नई दिल्ली। गुजरात में एक डॉ। दंपती ने गर्भपात के खिलाफ मुहिम छेड़ते हुए इसकी एक नई परिभाषा तय कर रहे हैं। वास्तव में डॉ यामिनी और हितेष्वरी माता को इस के लिए प्रेरित करते हैं कि वे अपने बच्चे का गर्भपात ना करवाएं, बल्कि उसे जन्म दें। इतना ही नहीं। ये डॉ। दंपति उन कुंवारी माताओं के बच्चे को गोद में उनकी देखरेख भी करते हैं।

भास्कर में छपी खबर के मुताबिक, गुजरात में कच्छ के अंजार में ये ठक्कर दंपती अपना अस्पताल चलाते हैं, लेकिन यहां इलाज के साथ-साथ सामाजिक व पारिवारिक परेशानियों को दूर करने पर भी काम होता है। ठक्कर दंपति अब तक ऐसी सात लड़कियों के बच्चों को गोद में लेकर उनकी परवरिश कर रहे हैं, जो कुंवारी मां बनी हुई थीं।

अपने इस अनोखे पहल पर दंपती ने कहा, ‘संबंधों में लक्ष्मण रेखाएं पार करने से लड़की के साथ ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। और फिर चरित्र पर दाग लगने के डर व परिवार के दबाव में वे गर्भपात कराने के लिए तैयार हो जाते हैं। ‘ ठक्कर दंपति ने बताया कि वे लोग उसी लड़कियों को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि वे गर्भपात ना कराएँ और बच्चे को जन्म दें। डॉ। दंपति ने कहा, ‘यदि बच्चे के जन्म के बाद लड़की उसे स्वीकार नहीं करती है, तो हम उसे कानूनी तौर पर गोद ले रहे हैं।’

ऐसी ही एक घटना का जिक्र करते हुए दंपति ने कहा कि शादी के बाद लड़की के ससुराल पहुंची। फिर उसके ससुर को कहीं से मालूम हुआ कि पुत्रवधु की एक संतान है जिसकी देखरेख डॉ दंपति कर रहे हैं। इसके बाद वे डॉ। दंपती के पास पहुंचे और कहा कि वे बच्चे को अपने पास रखना चाहते हैं और फिर दंपती ने बच्चे को उनके परिवार को सौंप दिया।







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