Home उत्तर प्रदेश गोरखपुर में स्कूल खुला, चेहरे खिले: एक साल बाद स्कूल में पड़े...

गोरखपुर में स्कूल खुला, चेहरे खिले: एक साल बाद स्कूल में पड़े कदम तो अभिभावक जैसे नजर आए टीचर, माथे पर तिलक और पुष्पवर्षा कर लगाई क्लास


विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

गोरखपुर10 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

यह फोटो गोरखपुर में अलहदादपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बनकटी की है। यहां को विभाजित प्रोटोकॉल के तहत स्कूल खोले गए हैं।

  • बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने स्कूल पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
  • बोले- ऐसा पहली बार हुआ जब एक साल बंद रहने वाले स्कूल, 50 प्रति बच्चों को आज बुलाया गया

वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप के चलते साल भर से बंद प्राथमिक विद्यालयों को आज यानी 1 मार्च से खोला दिया गया है। जनपद के सभी 2700 अंकुलनों को को विभाजित -19 नियमों के पालन के साथ शुरू करने का निर्देश पहले ही दिया गया था। सोमवार को जब शकुल खुला तो नकुल आने वाले शैडिकन का तिलक लगाने के बाद पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शकुल खुले तो शिक्षकों और विलियमसन के चेहरे भी खिल गए हैं।

अलहदादपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बनकटीचक को फूलों से सजाया गया था। सुबह रोली तिलक और पुष्पक की थाल के लिए प्रधानाधिपपालय पोशाक रानी गुपता और सहायक अधिपपिका उर्मिला राय आश्रयण के स्वयंगत के लिए गेट पर ढेर थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह भी स्कूल पहुंचे। इसके बाद बीएसए ने बच्चों का तिलक किया। शिक्षाविदों ने शिक्षाशास्त्र के ऊपर पुष्पवर्षा की। इस बीच बैंड की धुन भी सुनाई दे रही थी। शकुल के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ आशिकों के लिए भी ये सुखद क्षण था।

बीएसए ने बच्चों का किया तिलक।

बीएसए ने बच्चों का किया तिलक।

बीएसए ने कहा- अभिभावक ज्यादा नजर आते हैं शिक्षक
बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश को ध्‍यान में रखते हुए चीनिकन का फूल-मालाओं और गुब्बीरे से सजाकर स्‍वागत किया जा रहा है। श्रेणियों को भी मेहमानों को दिया गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि साल भर बाद स्कूल खुल रहा है। जबशेचे इतने दिन विद्यालय से बाहर रहे हैं। हालांकि वे अनलाइन जुड़े हुए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि वे अधिवक्ता की भूमिका में कम और अभिभावक की भूमिका में अधिक रहें। इसके साथ ही कोविद -19 के नियमों को ध्‍यान में रखते हुए ग्रेडवार 50 प्रतिशत लोगों को लंदन में ही बुलाया जा रहा है।

अभी तक खालीपन लग रहा था, बच्चों को लगा दिया गया
विद्यालय की प्रधानाधिपपिका मंजूरानी गुपताता ने बताया कि आज शिक्षा और शिक्षाशास्त्र में भी अलग तरह का कायरता है। वर्षभर बाद शकुल खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले ही लंदन और उनके अभिभावकों को बता दिया गया था कि 1 मार्च से ही शेयरकुल खुल जाएगा। उन्हें बताया गया था कि कल्किंन मा मा लगाकरकर आ रहा है। समय से उद्योगोंचे आते हैं। उन्हें तिल तिलक लगाकर पुष्प वर्षा कर उनका स्वयंवत किया गया है। सहायक अधिपपिका उर्मिला राय ने बताया कि वे 1la, 2 और 3 को पढ़ती हैं। अभी तक खालीपन लग रहा था। आज अंकुल खुला है। सभी बहुत खुश हैं।

फूलों से सजाए गए स्कूल।

फूलों से सजाए गए स्कूल।

काफी खुश दिखे बच्चे, बोले- अब ठीक है पढ़ाई से
प्राथमिक विद्यालय बनकटीचक में कक्षा एक के छात्र आर्यन यादव का कहना है कि आज 11 महीने बाद शकुल खुला है। काफी समय लग रहा है। शोकुल नहीं आ पाने की वजह से उन लोगों को देखने नहीं जा रहा था। गरिमा कक्षा 5 की छात्रा है। वह कहती हैं कि चंदन और पुष्‍पवर्षा कर उन लोगों का स्वागत हुआ है। वे लोग को विभाजित नियमों के पालन के साथ अपनी पढ़ाई करेंगें। कक्षा 5 के छात्र देव साहनी ने कहा कि अब हमारी पढ़ाई अच्छीे से हो पाएगी। कक्षा 1 की अंशू और कक्षा 5 के अभय कुमार दास को भी अंकुल आकर काफी पास लग रहा है। तिलक लगाकर फूलों से उनका स्वागत हुआ है। उनकी पढ़ाई अब अच्छीे से हो सकेगी।

खबरें और भी हैं …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments