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जम्मू-कश्मीर में आर्मी का सुपर -30: गरीब स्टूडेंट्स को एमबीबीएस और एनईईटी की तैयारी करवा रही सेना, दो साल में 52 बच्चों ने डॉ-इंजीनियर के एग्जाम क्रैक किए।


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श्रीनगर2 घंटे पहले

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२०१-१९ में १ ९ बच्चे का लेसिलेक्शन विभिन्न संस्थानों में हुआ। वहीं 2019-20 में 33 बच्चों ने मेडिकल और केवी के एग्जाम क्लीयर किए।

जम्मू-कश्मीर में सुपर -30 प्रोग्राम के तहत सेना यहां के गरीब स्टूडेंट्स को एमबीबीएस और एनईईटी की मुफ्त कोचिंग दे रही है। इस कार्यक्रम के ज़रिए प्रदेश में अब तक दो सलाखों के 52 स्टूडेंट्स अलग-अलग स्ट्रीम में एडमिशन के बारे में अपना सपना पूरा कर रहे हैं।

सुपर 30 कोचिंग सेंटर के इंजीनियरिंग ट्रस्टी डॉ। रोहित श्रीवास्तव बताते हैं कि हम एक बार को एक साल की तैयारी करवाते हैं। बच्चों को रोज छह घंटे की क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलरी और बॉटनी जैसे एज्रे की कोचिंग दी जाती है।

मार्च 2018 में पहली बार शुरुआत हुई
आर्मी का सुपर -30 प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर में 15 मार्च 2018 से शुरू हुआ। यहां एक वर्ष में एक बार को मेडिकल और केवी की परीक्षा क्रैक करने की तैयारी करवाई जाती है। २०१-१९ में १ ९ बच्चे का लेसिलेक्शन विभिन्न संस्थानों में हुआ। वहीं 2019-20 में 33 बच्चों ने मेडिकल और केवी के एग्जाम क्लीयर किए।

आर्मी का सुपर -30 प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर में 15 मार्च 2018 से शुरू हुआ।  अब तक दो बार अध्ययन पूरी कर चुके हैं।

आर्मी का सुपर -30 प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर में 15 मार्च 2018 से शुरू हुआ। अब तक दो बार अध्ययन पूरी कर चुके हैं।

गरीब बच्चों का सपना पूरा करें हमारा लक्ष्य
डॉ। श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में दूर-दराज के क्षेत्र से आने वाले गरीब बच्चों का सपना पूरा करना है। इन बच्चों के पास सुविधाएं और संसाधन नहीं हैं। अगर कुछ बच्चे अपनी प्रतिभा से आगे बढ़ते हैं तो गरीबी के कारण पीछे चले जाते हैं। सुपर 30 इन्हीं बच्चों के सपनों को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कोचिंग ले रहे बच्चों ने कहा, हम अपना सपना पूरा कर रहे हैं
सुपर 30 के स्टूडेंट जगबीर सिंह ने बताया कि अगर हम एग्जाम के लिए केंद्रीय कोचिंग का विकल्प चुनते हैं, तो हमें यात्रा और आवास जैसे खर्चों के अलावा 2- 3 लाख रुपये देने होंगे। यह हमारे लिए मुश्किल है, लेकिन सुपर 30 के जरिये आज हमारा सपना पूरा हो रहा है।

कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स को रहने-खाने का कोई खर्च नहीं देना पड़ता है।

कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स को रहने-खाने का कोई खर्च नहीं देना पड़ता है।

वहीं, कोचिंग ले रहे अन्य स्टूडेंट्स आरिफ भट और साहिल बजाज बताते हैं कि हमें सुपर 30 के जरिये बेहतरीन कोचिंग मिल रही है। ऐसे संस्थान की मदद से ही हम जैसे गरीब स्टूडेंट्स को अपनी जिंदगी बदलने का मौका मिल रहा है।

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