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टूट सकता है बाबा रामदेव का सपना, टॉप कंपनियों ने पतंजलि के खिलाफ छेड़ी आरपार की लड़ाई


कैसे करें आवेदन: पतंजलि परिधान का एक्सक्लुसिव आउटलेट खोलने के लिए आप तभी आवेदन कर सकते हैं जब आपके पास खुद की प्रॉपर्टी हो. यदि नहीं है तो आप आवेदन नहीं कर सकते. दूसरी आवश्यकता है वो ये कि आपकी ये प्रॉपर्टी किसी रोड, मॉल या कॉमर्शियल काम्प्लेक्स के पास मौजूद हो.

एफएमसीजी सेक्‍टर में पतं‍जलि को देश का नंबर वन कंपनी बनाने का बाबा रामदेव का सपना टूट सकता है. इस सेक्‍टर की बड़ी कंपनियों ने पतंजलि की महत्‍वाकांक्षा धराशायी करने के लिए ताबड़तोड़ रणनीति बनानी शुरू कर दी है. पतंजलि ने वर्तमान वित्‍त वर्ष के लिए अपना रेवेन्‍यू 21000 करोड़ रुपए करने की बेहद महत्‍वाकांक्षी योजना बनाई है, जो पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है.

आईटीसी और हिन्‍दुस्‍तान यूनिलीवर हैं मार्केट लीडर
अभी पतंजलि का एफएमसीजी में सातवां स्‍थान है और आईटीसी पहले, हिन्‍दुस्‍तान यूलिलीवर दूसरे, ब्रिटानिया तीसरे, नेस्‍ले चौथे और डाबर पांचवें नंबर पर है. मीडिया खबरों के अनुसार हिन्‍दुस्‍तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने नेचुरल और हर्बल मार्केट में अपनी उपस्थिति मजबूत बनाने की ठानी है, क्‍योंकि पतंजलि की असली ताकत यही है. इसी तरह, कॉलगेट-पामोलिव ने भी टूथपेस्‍ट मार्केट में छिनी अपनी जगह वापस पाने के लिए खुद के नेचुरल प्रोडक्‍ट्स लॉन्‍च करने की योजना बनाई है. हाल के वर्षों में पतंजलि ने तुलनात्‍मक रूप से सस्‍ते शहद पेश कर डाबर के बाजार पर काफी हद तक कब्‍जा कर लिया है. चूंकि शहद मार्केट में डाबर का पहले वर्चस्‍व था, ऐसे में उसने किसी भी सूरत में इसे फिर से कब्जियाने की रणनीति बनाई है.

आयुष हर्बल व सिट्रा ब्रांड्स से धमाल मचा सकती है एचयूएलएचयूएल का आयुर्वेदिक आयुष ब्रांड बाजार में प्रवेश कर चुका है. दक्षिणी राज्‍यों में इस ब्रांड की लॉन्चिंग सफल रही है. पतंजलि का मुकाबला करने के लिए कंपनी ने पिछले दिनों कुछ नए आयुर्वेदिक ब्रांड का अधिग्रहण भी किया है. इसी तरह स्किनकेयर सेक्‍टर में एयचूएल ने सिट्रा ब्रांड को भारत में उतार रही है. जून में लॉन्‍च सिट्रा ब्रांड के तहत जापानी ग्रीन चाय, सकुरा और थाई लोटस जैसी 12 नई चीजें बेची जा रही हैं. कंपनी ने इंदुलेखा हेयर ऑयल नाम से इस मार्केट में भी अपनी जगह बनाने की ठानी है.

नए प्रोडक्‍ट्स से नेचुरल सेग्‍मेंट में जगह बनाएगी कॉलगेट
कॉलगेट-पामोलिव ने नए प्रोडक्‍ट्स लॉन्‍च कर पतंजलि का मुकाबला करने की रणनीति बनाई है. भारत में चूंकि नेचुरल सेग्‍मेंट की ग्रोथ जोरदार तरीके से हो रही है. ऐसे में कॉलगेट के लिए भी इस सेक्‍टर में जगह बनाना जरूरी हो गया है.

अपने आयुर्वेद प्रोडक्‍ट्स को मॉडर्न बना रही है डाबर
देसी कंपनी डाबर अपने आयुर्वेद प्रोडक्‍ट्स को मॉडर्न बना रही है. हालांकि कंपनी नए प्रोडक्‍ट्स लॉन्‍च करने पर भी फोकस कर रही है. डाबर च्‍यवनप्राश का उसकी पूरी सेल में लगभग 40 फीसदी का योगदान है. कंपनी का शहद भी खूब हिट उत्‍पाद है, लेकिन इसने काफी जगह खो दी है. हालांकि कंपनी को भरोसा है कि खोई हुई यह जगह वह पा लेगी.

10,561 करोड़ का रेवेन्‍यू था पतंजलि का
पिछले वित्‍त वर्ष 2016-17 के दौरान पतंजलि का रेवेन्‍यू 10,561 करोड़ रुपए था. पतंजलि आयुर्वेद का इसमें 9346 करोड़ रुपए का योगदान था, जबकि दिव्‍य फार्मेसी का योगदान महज 870 करोड़ का था. कंपनी की योजना वर्तमान वित्‍त वर्ष में पूरे रेवेन्‍यू को 21000 करोड़ रुपए करने की है.








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