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ट्रैफिक में भी नंबर 1 हो इंदौर: तीन साल में भी शिफ्ट नहीं हुईं तीन मंडियों, भारी वाहनों के प्रवेश से रोज लगता है जाम


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इंदौर6 घंटे पहलेलेखक: सुमित ठक्कर

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400 से अधिक व्यापारियों के कामकाज के कारण लौह मंडी में दिनभर भारी वाहन आते हैं। फोटो | ओपी सोनी

  • लोहा मंडी, छावनी अनाज मंडी और सियागंज को बाहरी क्षेत्र में ले जाने के लिए 2019 में बनाया गया था

शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित लोहा मंडी, छावनी अनाज मंडी और सियागंज में भारी वाहनों के प्रवेश से दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए वर्ष 2019 में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि तीनों मंडियों को शहर के बाहरी क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी शिफ्टिंग पूरी तरह से नहीं हो पाई है।

मंडी शिफ्टिंग का प्रस्ताव बनाकर सीएम तक भी पहुंचाया गया, लेकिन मामला कागजी कार्रवाई से आगे नहीं बढ़ा। कुछ व्यापारियों ने शिफ्ट जरूर की दुकानें लगाईं, लेकिन ज्यादातर व्यापारी अभी भी पुरानी मंडी से ही व्यापार संचालित कर रहे हैं। इसी तरह न्यून्ड मंडी को सनावदिया में 10 एकड़ जमीन मुहैया करवाने का प्रस्ताव भी बनाया गया, लेकिन वह प्रस्ताव भी कागजों में रह गया।

लोहा मण्डी; केवल 67 शिफ़्ट घटित हुए, 400 अभी भी मौजूद हैं
हाथीपाला लोहा मंडी को स्कीम 78 में निरंजपुर के पास ले जाने का प्रस्ताव था। 400 से ज्यादा लोहे के पात्र लोहे के मंडी में ही दुकानें संचालित कर रहे हैं, जबकि न्यू लोहामंडी बनने के बाद यहां केवल 67 सर्कल ही शिफ्ट हो पाए हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जिनके दोनों जगह आवेदन हैं और दोनों जगह से वे व्यापार कर रहे हैं। इसी कारण स्नेह नगर, गाड़ी अद्दा अनाज मंडी में भारी वाहन घुसते हैं और हादसे भी होते हैं।

छावनी अनाज मण्डी; कैलोद करताल में 55 एकड़ में बनना था
छावनी अनाज मंडी को 55 एकड़ जमीन कैलोद डोनल में हस्तांतरित करना था। आज भी छावनी मंडी में भारी वाहनों का प्रवेश होता है। तीन इमली से नौलखा और नौलखा से अग्रसेन चौराहे के मार्ग पर मालवाहक वाहनों की एंट्री होने से दुर्घटना का अंदेशा तो रहता ही है, दिनभर ट्रैफिक भी प्रभावित होता है।

सियागंज; स्कीम नंबर 78 में शिफ्ट करना था
सियागंज को न्यू सियागंज के नाम से स्कीम 78 में शिफ्ट करना था। इस मामले में भी प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ा। कारोबार सियागंज में ही संचालित हो रहा है। ट्रैफिक पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और आईडीए में समन्वय नहीं होने से प्रस्ताव पत्रों से निकल नहीं पा रहे हैं। मंडी में भारी वाहनों से रोजमर्रा जाम लगता है।

भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया गया
रेत मंडी के लिए सनावदिया में सौ की पार्किंग के लिए जगह तय हो गई और पार्किंग भी शुरू हो गई है। लोहा मंडी भी नया लोहा मंडी में शिफ्ट हो चुका है। अनाज मंडी को लेकर भी काम जारी है। शहर में जहां भी दिन में ट्रक व अन्य भारी वाहन आ रहे हैं, उसे लेकर गुरुवार को ही ट्रैफिक पुलिस को सड़क सुरक्षा समिति में सांसद, डीआईजी और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी जगह पर संगठनों के साथ अलग-अलग बैठक कर योजना बनाएं और दिन में पूरी तरह से भारी वाहन के आने-जाने पर रोक पाते हैं।

– मनीष सिंह, कलेक्टर

तीनों मंडियों के कारण मध्य क्षेत्र में काफी अव्यवस्थाएं होती हैं
शहर के ट्रैफिक में तीनों ही मंडियों के कारण काफी अव्यवस्थित हैं। लोहा मंडी में प्रतिदिन 700 से ज्यादा मालवाहक बड़े वाहन आते-जाते हैं। इस कारण यहां का ट्रैफिक सबसे ज्यादा बदहाल होता है। यदि मंडियां बाहरी इलाके में शिफ्ट हो जाएं तो काफी हद तक समस्या का निराकरण हो जाएगा। कई बार इसके लिए हमने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्ताव भी रखे हैं। सियागंज में भी ऐसे ही हालात हैं। दिनभर भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। बहुत बेर लगता है।

– आरएस देवके, एएसपी, ट्रैफिक

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