Home अन्तराष्ट्रीय ख़बरें डिप्लोमैसी: बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार सऊदी किंग सलमान...

डिप्लोमैसी: बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार सऊदी किंग सलमान से बातचीत की, पत्रकार की हत्या के मामले में घिरेंगे प्रिंस सलमान


विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

चार्ल्सटन / रियासत14 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (बाएं) अपने पिता किंग सलमान के साथ। किंग बुजुर्ग हो चुके हैं और इस वक्त सऊदी शासन की कमान प्रिंस एमबीएस के हाथों में है। (फाइल)

20 जनवरी को राष्ट्रपति पद संभालने के साथ जो बाइडेन ने एक महीने से ज्यादा देर के बाद पहली बार सऊदी अरब के किंग सलमान से फोन पर बातचीत की। मिडल ईस्ट के अपने सबसे करीबी सहयोगी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का यह रवैया दुनिया को हैरान कर रहा है। इसमें भी कुछ बातें बेहद खास रहीं। पहला- सऊदी अरब की सत्ता अब किंग सलमान नहीं, बल्कि उनके बेटे प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) के हाथों में हैं। दूसरा- एमबीएस पर आरोप है कि उन्होंने चार्ल्सटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खगोशी की हत्या में महत्वपूर्ण रोल प्लेया। इसलिए बाइडेन ने प्रिंस सलमान की जगह उनके पिता किंग सलमान से बातचीत की।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बाइडेन ने सऊदी किंग सलमान (75) को बता दिया है कि अमेरिकी सरकार प्रिंस सलमान के खिलाफ अपने नागरिक की हत्या में हाथ होने के आरोपों की जांच कराएगी। अगर ऐसा हुआ तो प्रिंस सलमान की मुश्किलें काफी बढ़ जाएंगी।

इंटेलिजेंस रिपोर्ट जारी करेगा अमेरिका
जमाल खगोशी का कत्ल सऊदी अरब की तुर्की एम्बेसी में 2018 में किया गया था। ट्रम्प जब सत्ता में थे तो उनके सऊदी प्रिंस से करीबी संबंध रहे और यही कारण है कि उस दौरान खगोशी की हत्या से जुड़ी अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट जारी नहीं की गई। अब बाइडेन राष्ट्रपति हैं और मानवाधिकारों पर उनका रुख हमेशा से सख्त रहा है। माना जा रहा है कि यह इंटेलिजेंस रिपोर्ट में सीधे तौर पर खगोशी की हत्या के लिए प्रिंस सलमान का नाम लिया गया है। लेकिन, ये भी सच है कि सऊदी शासन की बगडोर अब किंग सलमान की बजाए प्रिंस सलमान के हाथ में है।

अमेरिका-सऊदी संबंध खराब होंगे
अगर प्रधान सलमान को बाइडेनिसा खगोशी की हत्या के मामले में आरोपी करार देता है तो यह तय है कि मिडल ईस्ट के सबसे ताकतवर और अमीर देश के रिश्ते अमेरिका से खराब हो जाएंगे। इसकी एक वजह यह है कि किंग सलमान 85 साल के बुजुर्ग हैं और सत्ता बिल्कुल में प्रिंस सलमान के हाथों में है। ये बात तो तय है कि बाइडेन ने किंग सलमान से बातचीत में खगोशी की हत्या और प्रिंस सलमान से जुड़े मामले की चर्चा जरूर की होगी, हालांकि व्हाइट हाउस इसे सामान्य बातचीत बता रहा है।

ईरान फैक्टर
अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और इजराइल के लिए ईरान सबसे बड़ा खतरा है। अब अगर बाइडेनिसा सऊदी सरकार को नाराज करता है तो उसको इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। मिडल-ईस्ट में सऊदी अरब के बिना अमेरिका आगे नहीं बढ़ सकता है। वहाँ उसके अनगिनत हित और मिलिट्री बेस भी है। अमेरिका भी तमाम पहलुओं पर विचार कर रहा है और इसीलिए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बाइडेन से सऊदी अरब की पहली बातचीत की।

किंग सलमान कई बीमारियों से परेशान हैं और प्रिंस सलमान ही सऊदी सत्ता संभाल रहे हैं, ऐसे में अमेरिका अगर उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाता है तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

खबरें और भी हैं …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments