Home उत्तर प्रदेश प्राचार्य भर्ती के अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन एक से

प्राचार्य भर्ती के अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन एक से


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

* सिर्फ ₹ 299 सीमित अवधि की पेशकश के लिए वार्षिक सदस्यता। जल्दी से!

ख़बर सुनकर

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या -49 के तहत प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के तहत साक्षात्कार के लिए अर्ह पाए गए अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन एक मार्च से शुरू होगा। इस बारे में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्राचार्य भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पिछले साल 29 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। आयोग ने 15 फरवरी को लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें 610 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था।) साक्षात्कार 23 मार्च से प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले इंटरव्यू के लिए अर्ह पाए गए अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। मूल अभिलेखों के सत्यापन के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता धारित करने पर ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार अभ्यर्थियों को मूल अभिलेखों से मिलान के लिए शैक्षणिक अभिलेखों, शिक्षण अनुभव, शोध गाइड / अन्य शोध कार्य, शोध पत्रिका के यूजीसी सूची में होने वाले ISSN नंबर, इंस्पेक्टर फैक्टर का प्रमाण पत्र, प्रकाशित पुस्तक की ISBN नंबर का प्रमाण पत्र। एवं संचालन के लिए क्लेम किए गए सभी अभिलेखों की मूल प्रतियों की स्वप्रमाणित दो-दो छाया प्रतियों और आयोग के पोर्टल पर दिए गए शपथपत्र के साथ सुबह 10.30 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होना है। इसकी सूचना अभ्यर्थियों के पंजीकृत ईमेल और मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेज दी गई है।

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या -49 के तहत प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के तहत साक्षात्कार के लिए अर्ह पाए गए अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन एक मार्च से शुरू होगा। इस बारे में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्राचार्य भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पिछले साल 29 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। आयोग ने 15 फरवरी को लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें 610 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था।) साक्षात्कार 23 मार्च से प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले इंटरव्यू के लिए अर्ह पाए गए अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। मूल अभिलेखों के सत्यापन के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता धारित करने पर ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार अभ्यर्थियों को मूल अभिलेखों से मिलान के लिए शैक्षणिक अभिलेखों, शिक्षण अनुभव, शोध गाइड / अन्य शोध कार्य, शोध पत्रिका के यूजीसी सूची में होने वाले ISSN नंबर, इंस्पेक्टर फैक्टर का प्रमाण पत्र, प्रकाशित पुस्तक की ISBN नंबर का प्रमाण पत्र। एवं संचालन के लिए क्लेम किए गए सभी अभिलेखों की मूल प्रतियों की स्वप्रमाणित दो-दो छाया प्रतियों और आयोग के पोर्टल पर दिए गए शपथपत्र के साथ सुबह 10.30 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होना है। इसकी सूचना अभ्यर्थियों के पंजीकृत ईमेल और मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेज दी गई है।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments