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फिल्म रिव्यू: ट्विस्ट और टर्न्स से भरपूर है द गर्ल ऑन द ट्रेन की मर्डर मिस्त्री, क्लाइमेक्स तक बांधे रखती है फिल्म की कहानी


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मुंबई6 मिनट पहलेलेखक: अंकिता तिवारी

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रेटिंग- ४/५
स्टारकास्ट – परिणीति चोपड़ा, अदिति राव हैदरी, अविनाश तिवारी, कीर्ति कुल्हारी

निर्देशक – रिबूत दासगुप्ता

परिणीति चोपड़ा की नई फिल्म “द गर्ल अन द ट्रेन” 26 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। यह फिल्म बेहद रोमांचक है। इस फिल्म में उनके साथ अदिति राव हैदरी, अविनाश तिवारी और कीर्ति कुल्हारी मुख्य भूमिका में नजर आए। फिल्म एक मर्डर मिस्त्री है और पूरे समय अपने ट्विस्ट्स से दर्शकों को बांधे रखती है।

कहानी

कहानी शुरू होती है परिणीति से जो एक वकील की भूमिका में नजर आ रही है। उनके पति का किरदार निभा रहे हैं अविनाश तिवारी। दोनों एक सुखद जीवन जी रहे होते हैं लेकिन एक एक्सीडेंट में परिणीति जो प्रेग्नेंट हैं, अपने बच्चे को खो चुकी है। जिसके बाद उन्हें अमेंशिया की बीमारी (जिसमें इंसान चीजों को महसूस करता है) हो जाता है।

वहीं, दूसरी ओर अदिति राव हैदरी है, जो परिणिती पर प्रभाव और खुश मिजाज लड़की समझती है और उसे हर रोज अपनी ट्रेन से जाते वक्त देखती हैं। एक दिन उसका मर्डर हो जाता है और उसके कत्ल के मामले में परिणीति को आरोपी ठहराया जाता है। तब वह सबूत इकट्ठा करने में जुट जाता है और अपनी भावनाओं की बीमारी होने के बावजूद सच पर से पर्दा उठाने की कोशिश करता है। निर्देशक रिभु दासगुप्ता ने बहुत सटीक निर्देशन किया है। फिल्म की एडिटिंग क्रिस्प है। 1 घंटे 52 मिनट लंबी इस फिल्म की खासियत इसके डायलॉग नहीं बल्कि कलाकारों की एक्टिंग है। कीर्ति कुल्हारी एक सिखा कॉप की भूमिका में नजर आ रही है। उनका लो मेकिंग फॉर्म उनका एक्टिंग को और निखार रहा है। परिणीति भी बहुत गहन किरदार में नजर आ रही हैं। ये उनकी पहली थ्रिलर फिल्म है और अल्कोहल से ग्रस्त अमेंशिया बीमारी से लड़ने की जर्नी उनकी बखूबी दिखाई देती है।

उनकी यह फिल्म थ्रिलर होने के साथ-साथ आपको अपनी एज पर रखती हैं। फिल्म का स्क्रिनप्ले और एडिटिंग इतना शानदार है कि अंत तक असली कातिल का अनुमान लगाना दर्शकों के लिए काफी मुश्किल है। गाने ज्यादा खास नहीं हैं, सिर्फ एक गाना मतलबी यारियां बेहद इमोशनल कर देती है और इस गाने के जरिए स्टोरी को आगे बढ़ाया गया है।

परिणीति की यह फिल्म 2015 में लिखी गई नोवेल और 2016 में रिलीज हुई एमपी फिल्म द गर्ल उन द ट्रेन का हिंदी संपादन। थ्रिलर और मिस्त्री फिल्मों के दीवाने दर्शकों को ये जरूर पसंद आईगी। ये क्लाइमेक्स तक आपको उलजा के रखने में कामयाब रहा है।

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