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बजट में रोजगार की बहार: 28 हजार को मिलेगी नौकरी; चुनावय चुनाव से ठीक पहले सरकार ने बजट में दिखाया है कि देने का सपना


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भोपाल3 घंटे पहले

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  • इसमें 24200 शिक्षक भर्ती हैं तो 4000 पुलिस जवान हैं। लेकिन कब, ये तय नहीं हैं।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के शुरुआत में ही निकाय और पंचायतों के चुनावों में होने वाली मप्र सरकार युवाओं के लिए बजट में सबसे बड़ा वादा लेकर आई है। इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में 24 हजार 200 और पुलिस में 4 हजार वर्ग दी जाएगी। वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही इस पर काम शुरू होता है तो फिर भी भर्तियां होने में 4 से 6 महीने का वक्त लगेगा। हालांकि अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने नई भर्तियों की कोई डेडलाइन नहीं बताई। 44 पेज के उनके बजट भाषण में इसका जिक्र नहीं था।

शिक्षा विभाग में 24 हजार 200 पूरी भर्तियां होती हैं। हालांकि, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की इस घोषणा से बेरोजगारों में कुछ नई उम्मीद जरूर बढ़ेगी क्योंकि लगभग तीन साल से सात हजार वे अभ्यर्थी शिक्षा विभाग में नौकरी का इंतजार ही कर रहे हैं, जिन्हें संविदा पद-एक और दो चयनित किया गया था। नौकरी के साथ-साथ राज्य सरकार ने आत्मनिर्भर मप्र के चार सेक्टरों से जुड़े नौ विभागों को भी मिशन मोड पर रखने का जिक्र बजट में किया है।

सरकार ने लोक सेवा आश्वासन में संशोधन कर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया है। यानी तय समय पर चिह्नित सेवाओं के आवेदन निराकृत नहीं हुए तो नागरिकों को पोर्टल से ऐसी सेवाओं के प्रमाण पत्र स्वाट: जारी हो जाएंगे।

ट्रिलियन का गणित … अगले साल तक 10 ट्रिलियन रु। होगा अर्थव्यवस्था मृग होगी
वित्त मंत्री देवड़ा ने बजट भाषण में 10 ट्रिलियन रुपए का जिक्र किया है। यह आंकड़ा सदन के भीतर और बाहर चर्चा पर रहा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 तक देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। वे कई बार रैलियों, सभाओं में इसकी जिक्र कर चुके हैं। देवड़ा ने कहा जब अगले साल तक मप्र की अर्थव्यवस्था 10 ट्रिलियन रुपए यानी 10 लाख करोड़ रु। की हो जाएगी तो ट्रिलियन शब्द से हैरानी हुई। जबकि यह समझने का तरीका आसान है। एक दिन पहले जब सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था तब बताया गया था कि राज्य की जीडीपी पिछले साल की तुलना में पहली बार 20 हजार करोड़ रु। कम हुआ है

यह अभी 917555 करोड़ रु। है। यानी 9 ट्रिलियन रुपए। अगले साल तक यह 10 लाख करोड़ रु। तक ले जाना है। केंद्र सरकार का अनुमान है कि इसके लिए एक राष्ट्र-एक राशन, व्यवसाय प्रक्रिया का सरलीकरण, ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार और शहरी क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ानी होंगी। लगभग सुधार यदि होते हैं तो प्रत्येक सुधार से जीडीपी का 0.25% अतिरिक्त ऋण मिलेगा। राज्य यदि ये सुधार कर ले तो उसे जीडीपी का 1% कर्ज लेने की अनुमति मिल जाएगी। ज्यादा कर्ज मिलेगा तो वह जनकल्याणकारी और विकास परियोजना में लगेगा। इससे अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ जाता है।

7 वें वेतनमान के एरियर की शेष 75% राशि के आदेश जल्द
जेब भरागी- केंद्र डीए उठाएगा तो राज्य सरकार भी 5% बढ़ाएगी, इंक्रीमेंट मिलेगा
आंगे।

घर-घर पानी- 33 लाख नए नल कनेक्शन दिए जाएंगे, बजट में 337% बढ़ाएंगे
शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन का बजट पिछले साल से 337% बढ़ाकर 5 हजार 962 करोड़ कर दिया गया है। गांवों में 33 लाख नए नल कनेक्शन दिए जाएंगे। शहरों में यह जल्द शुरू होगा, इसलिए 2024 तक हर घर तक नल से जल पहुंच जाएगा।

जनसुरक्षा- अब हर जिले में खुलेगा महिला थाना, अपराध रोकथाम सम्मान अभियान चलेगा
हर जिले में एक महिला थाना खोला जाएगा। महिला अपराध रोकने के लिए जन चेतना अभियान के माध्यम से सम्मान अभियान शुरू होगा। निर्भया फंड से होने वाले कामों की भी वार्षिक थीम रखी गई है। बता दें कि अभी प्रदेश में सिर्फ 10 महिला थाने हैं।

मेट्रो रेल- भोपाल और इंंदौर में 262 करोड़ रु। खर्च होंगे, बीते दो साल से ज्यादा
भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए 262 करोड़ रु। रखे हुए हैं। 2019 में यह राशि 200 करोड़ थी और 2018 में 100 करोड़ थी। दोनों शहरों में तीन साल में 475 करोड़ रु। के निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसमें भोपाल में 170 करोड़ तो इंदौर में 10 करोड़ के ही काम हुए हैं।

राहत- गैस पीड़ितों को एक हजार रु। पेंशन, हर ग्राम पंचायत में राशन की दुकानें
सरकार गैस पीड़ित विधवा पेंशन शुरू करने जा रही है। इसके तहत एक हजार रु। महीना मिलेगा। पन्ना में डायमंड म्यूजियम बनेगा। हर ग्राम पंचायत पर राशन दुकान खुलेंगी। इसमें से एक तीन दुकानें महिला संस्थाओं के लिए रखी जाएगी।

तैयारी- चार लाख कर्मियाें के पीएफ खाते में केंद्र जैसा अंशदान होगा सरकार
राज्य सरकार 2005 के बाद भर्ती कर्मचारियों का अंशदान केंद्र की तरह बढ़ाएगी। राज्य में अंशदान 10% है, केंद्र 14% दे रहा है। राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत अभी कर्मचारी का 10% और सरकार का 10% जिसमें 20% राशि पेंशन में जमा हो रही है।

नई सीएम फॉर्मोजगार योजना; कर्ज लो, उद्योग लगाओ, बजट 112 करोड़ ही
सरकारी हितधारी आधारित नई मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लाई है। यानी कर्ज की राशि के ब्याज पर तय होगा। बता दें कि सरकार ने दो साल में तीन स्वरोजगार योजनाओं को अचानक बंद कर दिया है। इन योजनाओं का सालाना बजट औसत 3000 करोड़ रु। है। इनका बजट ज्यादा था, इसलिए इससे ज्यादा युवा उद्यमी कर्ज लें, उद्योग लगाएं, लेकिन नई योजना का बजट सिर्फ 112 करोड़ रु। है, जो काफी कम है।]

मंडीदीप इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के मुताबिक आत्मनिर्भर मप्र के लिए स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देना जरूरी है क्योंकि सरकार सभी को रोजगार नहीं दे सकती। बड़े बजट की तीन योजनाओं को बंद कर दिया गया। उनके 60 हजार से अधिक युवाओं के आवेदन पेंडिंग हो गए। 800 करोड़ रु। कीडी अटकी पड़ी है।

पिछली योजनाएँ

राशि करोड़ रु।  में

राशि करोड़ रु। में

नजरिया अपना-अपना
ये आत्मनिर्भर मप्र का बजट ।।

यह आत्मनिर्भर मप्र का बजट है। इससे कोरोनाचल के बाद और हुई अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करना आम लोगों की हित संवर्धन सुनिश्चित होगा। जनकल्याण होगा।
– शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री

बजट झूठ का पुल अपहरण है …
यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। आंकड़ों का मायाजाल है। इसमें प्रावधान और प्रस्तावित शब्द भरे गए हैं। भाजपा अपने प्रमुखों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
– कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री

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