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बजट से आस: भाजपा की सलाह; कोरोना में मिडिल क्लास परिवार परेशान, सरकार उन्हें राहत दे


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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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पार्टी में आर्थिक मामलों का को-ऑर्डिनेशन देखने वाले गोपाल कृष्ण अग्रवाल का कहना है कि बजट में ऐसे उपाय किए जाने चाहिए, जिनसे मिडिल क्लास की खर्च करने की क्षमता बढ़ सके।

वर्ष 2021-22 के बजट में मिडिल क्लास और छोटी-मझोली कंपनियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार से कहा है कि बजट में ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे मिडिल क्लास की जेब में कुछ पैसा आए।

पार्टी ने छोटी कंपनियों के लिए कच्चे माल पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग भी की है। देश की 135 करोड़ की आबादी में लगभग 30 करोड़ लोग मिडिल क्लास में आते हैं। वहीं, 6.33 करोड़ MSME यूनिट में से लगभग 6 करोड़ माइक्रो यूनिट हैं।

मिडिल क्लास परिवार परेशान, उन्हें मदद की जरूरत है
पार्टी में आर्थिक मामलों का को-ऑर्डिनेशन देखने वाले गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि मिडिल क्लास परिवार इन दिनों काफी परेशानियों से गुजर रहे हैं। इसलिए, उन्हें मदद की जरूरत है। यदि बजट में ऐसे उपाय किए जाते हैं, तो इन परिवारों की खर्च करने की क्षमता बढ़ जाती है, तो उद्योग को भी मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास का ध्यान रखने का भरोसा दिया
अग्रवाल ने कुछ दिनों पहले पार्टी की तरफ से बजट पर सुझाव देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। उन्होंने यह तो नहीं कहा कि बजट में क्या उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन यह जरूर कहा गया कि बजट में मिडिल क्लास का ख्याल रखा जाएगा।

इधर, पार्टी के इस सुझाव पर वित्त मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता राजेश मल्होत्रा ​​ने कहा कि एक फरवरी को संसद में बजट पेश किए जाने से पहले कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।

छोटी कंपनियों इंपोर्ट ड्यूटी में राहत मिल सकती है
अग्रवाल ने बताया कि छोटी और मझोली इकाइयों के लिए सरकार कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर सकती है। इनमें तांबा और अन्य धातु शामिल हैं। अग्रवाल के मुताबिक, कच्चे माल की कीमत मांग की वजह से नहीं बढ़ रही है। ऐसी सप्लाई की दिक्कतों की वजह से हो रहा है। एक अन्य सुझाव कंपनियों के प्लांट की मशीनों पर डेप्रिसिएशन एलाउंस बढ़ाने का है। इससे कंपनियों पर टैक्स का बोझ कम हो जाएगा।





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