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बोगस जीएसटी फर्म से 32.63 करोड़ का लेनदेन: औगा चलाकर 10 हजार रु। कमाने वाले को शिशु विभाग ने 4.89 करोड़ टैक्स भरने का नोटिस भेजा


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बाड़ लगाने वाला15 घंटे पहलेलेखक: लाखाराम जाखड़

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राजस्थान में बाड़मेर जिले की चौहटन तहसील के पनोरिया गांव में 32 साल के एक युवक के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। शिशु विभाग ने उसे 32.63 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले में 4.89 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स का नोटिस भेजा। यह ट्रांसजेक्शन उसके पैन कार्ड का इस्तेमाल करके खुले एक बिजनेस अकाउंट से किया गया था। जबकि युवक का कहना है कि वह मजदूर है और गांव में औ रिक्शा चलाकर हर महीने 8-10 हजार रुपये कमाता है।

उसने कभी जीवन में इतनी रकम न सुनी थी और न ही देखा है। वह खुद तो ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा चला रहा है, उसका नाम न तो कोई फर्म है और न ही कभी किसी से ट्रांसमिशन किया है। इनकम टैक्स जोधपुर में जाकर पीड़ित ने बयान दर्ज करवाए हैं। इस मामले की रिपोर्ट पुलिस थाना बाखासर द्वारा दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

सेड़वा के पनोरिया निवासी गजेदान पुत्र आवड़ंदन चारण ने बाखासर थाने में 19 फरवरी को एक रिपोर्ट देकर बताया कि 11 फरवरी 2021 को राज्य के टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से 4.89 करोड़ रुपये टैक्स चुकाने का नोटिस दिया गया है। 15 फरवरी को असिस्टेंट कमिश्नर जोधपुर के सामने पेश होना था।

पीड़ित का आरोप- उसके साथ मारने की गई
पीड़ित गजेदान का आरोप है कि उसका पेन, आधार, बैंक और अन्य जानकारी चौहटन की एक फाइनेंस कंपनी को उसने दी थी। लगभग एक साल पूर्व उन्होंने औटो रिक्शा को लिया था। उसे फाइनेंस करवाने के लिए उसने उसके दस्तावेज दिए थे। इसके अलावा वो एक औताना दुकान भी है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के मोबाइल रिचार्ज करने के लिए एक-दो कंपनियों की आईडी ली थी उसके लिए भी दस्तावेज दिए गए थे। ऐसे में उसके दस्तावेज किसने उपयोग में के बारे में ये काल्पनिक की है उसे कुछ मालूम नहीं है।

भास्कर पड़ताल: पनोरिया के युवक की फर्जी फर्म बनाकर 32.63 करोड़ की बोगस बिलिंग करवाई
पीड़ित गजेदान का आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति ने उसका नाम जीएसटी फर्म मैसर्स एसएलवी इंटरनेशनल पंजीकरण बनवाया है। जिसके पंजीयन में प्रयुक्त मोबाइल नंबर 9116921023 है, ई-मेल आईडी भी है, जो उसकी नहीं है। उसके नाम से किसी ने फर्जी फर्म का पंजीकरण किया है।

इस फर्म से 32 करोड़ 63 लाख 65 हजार 440 रुपए का लेनदेन गलत तरीके से किया गया है। जिसका जीएसटी 4 करोड़ 89 लाख 99 हजार 724 उस गलत तरीके से लगाया गया है। इस तरह का कोई लेनदेन उसने कभी नहीं किया है।

पुलिस ने 12 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं किया
पीड़ित गजेदान ने 19 फरवरी को बाखासर थाने में धुंध और फर्जी तरीके से फर्म बनाकर करोड़ों के लेनदेन करने की अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दी थी, लेकिन 12 दिन बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।

इधर बखासर के थाना अधिकारी नींबसिंह का कहना है कि जीएसटी के मामले को लेकर इनकम टैक्स से राय पूछा गया है। सवाल ये है कि मामला गलत करने का है तो इनकम टैक्स से राय जैसी बात ही नहीं है। पुलिस मामले को दर्ज करने की बजाय ढिलाई क्यों बरत रही है?

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