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भास्कर इंटरव्यू: राम गोपाल वर्मा की फिल्म में डॉन और उसके भाई के रोल में दो सगे भाई, बोले- सर के बराबर खुद भी अपने को नहीं पता होगा

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12 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा अपनी आगामी फिल्म ‘डी कंपनी ’में दो सगे मुसलमानों के कंठ और रूद्र कंठ को लॉन्च करेंगे। फिल्म में दोनों अंडरवर्ल्ड डॉन डॉन इब्राहिम और उसके भाई शब्बीर इब्राहिम का किरदार निभाते नजर आए।) दैनिक भास्कर से बातचीत में अश्वत और रूद्र ने फिल्म और राम गोपाल वर्मा से जुड़ी खास बातें शेयर की। दोनों से हुई बातचीत के अंश: –

Q. दा और शब्बीर इब्राहिम के किरदार के बारे में बताइए?
रावत:
डॉन को पूरी दुनिया जानती है। लेकिन सर (राम गोपाल वर्मा) को उसके बारे में जितनालेज है, मुझे नहीं लगता कि खुद भी अपने बारे में इतना जानता होगा। डी गैंग से डी कंपनी कैसे बनी? कौन सा एनकाउंटर कब हुआ? कौन से केस में दाव का कनेक्शन है? राम गोपाल वर्मा को हर छोटी से छोटी बात का पता है। इस बड़े किरदार को शुद्धाने का मौका मिला तो भला जश्न कैसे कर पाता है? पहले ही प्रोजेक्ट में रियल लाइफ भाई स्क्रीन पर सगे मुसलमानों का किरदार निभा रहे हैं।

रूद्र: डॉन के किरदार के सिलेक्शन के बाद राम गोपाल वर्मा ने अश्वत को शबीर इब्राहिम के कुछ सहयोगी दलों को भेजा। जब मैंने उन्हें देखा तो लगा कि मुझे इस किरदार के लिए कोशिश करनी चाहिए। मैंने तुरंत ऑडिशन बनाया और सर को भेज दिया। कुछ दिनों में ही मेरा भी सिलेक्शन हो गया।

Q. डॉन के किरदार के लिए तैयारी कैसी है? यह किरदार आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?
रावत:
राम गोपाल वर्मा पिछले 20 साल से इस पर अनुसंधान कर रहे थे और ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनकी फिल्म ‘कंपनी’ के समय से इस फिल्म की रिसर्च चल रही है। उस वक्त के पॉलिटिकल लीडर्स से लेकर पुलिसवालों तक सर ने कई लोगों से मिलकर जानकारी जुटाई है। वे इसी परियोजना से जुड़ी एक वेब श्रृंखला भी योजना कर रहे हैं। इस फिल्म में दिखाई गई हर बात ओरिजिनल है। कोई ड्रामा नहीं। आँखों में काजल और डॉन की बॉडी लैंग्वेज आपकीाना काफी चुनौतीपूर्ण थी। इंटरनेट पर डे की तस्वीरें बहुत कम हैं। 1980 में मुंबई का दौर कैसा होगा? ये समझने के लिए मैं मुंबई के डोंगरी इलाके में भी गया था। वहा के लोगों से मैंने डर के बारे में जाना।

Q. क्या पहले ही प्रोजेक्ट में गैंगस्टर का किरदार निभाने से भारत में होने का डर था?
रूद्र:
ये कहना गलत नहीं होगा कि जब कोई आपको किसी पर्टिकुलर किरदार में देखता है तो आगे चलकर इसी तरह किरदार के लिए अप्रोच किया जाता है। हालांकि, कोशिश यही रहेगी कि अलग-अलग किरदार प्लेऊं। कुछ चीजें हमारे हाथों में नहीं होतीं।

Q. रिक्रूटमेंट जॉब से एक्टिंग का सफर कैसे शुरू हुआ?
रावत:
मुझे पहले से ही एक्टिंग करना पसंद था। स्कूल और कॉलेज में मैंने कई ड्रामा में काम किया है। मुझे हमेशा से एक्टर ही बन रहा था। लेकिन मिडिल क्लास से हूं तो पैरेंट्स चाहते थे कि पहले पढ़ाई पूरी हो, फिर अपना पैशन पूरा करूं। कुछ साल नौकरी की, लेकिन मन नहीं लगता था।आखिरकार नौकरी छोड़ी और मुंबई आकर अपने पैशन पर ध्यान दिया।

Q. इंजीनियर से एक्टिंग के सफर के बारे में बताईए।
रूद्र:
मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बी। लिया हुआ है। पापा हमेशा चाहते थे कि मैं इंजीनियर बनूं। मैंने 3 साल तक जॉब भी किया, लेकिन दिल मेरा हमेशा से कलाकार में हैं। फिर क्या? भाई की राह पर निकल पड़ा।

Q. राम गोपाल वर्मा की वेब सीरीज के बारे में कुछ बताईए।
रूद्र:
दो घंटे की फिल्म में आप सब कुछ नहीं दिखा सकते। इस वेब सीरीज में हर किरदार को बहुत गहराई से दिखाया जाएगा। 5 सीज़न की इस सीरीज़ में कुल 50 सेट दिखाए जाएंगे। कंपनी की शुरुआत से लेकर अंत तक, हर छोटी-छोटी बात बताई जाएगी। 93 बम ब्लास्ट, एनकाउंटर, हर पॉइंट को विस्तार से उजागर किया जाएगा।

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