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भूलकर भी न करें पीएफ खाते से जुड़ी ये गलती, नहीं तो होगा 50,000 रुपये का नुकसान!


नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सब्सक्राइबर्स को अपने EPF अकाउंट संबंधित कई जरूरी नियम नहीं पता होने की वजह से बड़े नुकसान की संभावना बनी रहती है. अधिकतर सब्सक्राइबर्स को EDLI स्कीम के तहत 6 लाख रुपये का इंश्योरेंस, पेंशन, इनकम टैक्स डिडक्शन आदि से जुड़े नियम नहीं पता होते हैं. इन्हीं में से एक Loyalty-cum-Life बेनिफिट ​से जुड़ा नियम भी है. इस बेनिफिट के तहत अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 20 साल तक अपने ईपीएफ खाते में योगदान दिया है तो उन्हें रिटायरमेंट के समय 50,000 रुपये तक लाभ मिल सकता है.

दरअसल, सभी EPF अकाउंट होल्डर्स को सलाह दी जाती है कि वो अपनी नौकरी बदलने के बाद भी एक ही EPF अकाउंट में योगदान करते रहें. इससे उन्हें लगातार 20 साल तक एक ही अकाउंट में योगदान करने के बाद Loyalty-cum-Life बेनिफिट का लाभ मिल सकता है.

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केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाया है?एक जानकार का कहना है​ कि लॉकडाउन के बीच 13 अप्रैल को CBDT ने Loyalty-cum-Life बेनिफिट का लाभ उन अकाउंटहोल्डर्स तक पहुंचाने की सिफारिश की है, जिन्होंने 20 साल तक अपने ईपीएफ अकाउंट (EPF Account) में योगदान किया है. केंद्र सरकार इसकी मंजूरी ​दे दी है, जिसका मतलब है कि अगर कोई इसके लिए योग्य है तो उन्हें 50,000 रुपये का लाभ मिलेगा.

किन्हें कितना मिल सकता है लाभ?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, Loyalty-cum-Life इंश्योरेंस के तहत 5,000 रुपये तक की बेसिक सैलरी वाले लोगों को 30,000 रुपये का लाभ मिल सकेगा. जिनकी बेसिक सैलरी 5,001 रुपये से लेकर 10,000 रुपये के बीच होगी, वो 40,000 रुपये के लाभ के लिए योग्य होंगे. वहीं, अगर किसी कर्मचारी की मासिक बेसिक सैलरी 10,000 रुपये से अधिक है तो उन्हें 50,000 रुपये के लाभ का लाभ मिलेगा.

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लाभ लेने के ​लिए क्या करना होगा?
EPFO सब्सक्राइबर्स को इसका लाभ लेने का सबसे बेहतर तरीका ये है कि अगर वो अपनी नौकरी बदलते भी हैं तो एक ही EPF अकाउंट को जारी रखें. इसके लिए आपको अपने पुराने नियोक्ता और मौजूदा नियोक्ता को जानकारी देनी होती है. आमतौर पर नौकरी करते समय पीएफ​ विड्रॉल (PF Withdarwal) नहीं करने की सलाह दी जाती है. सब्सक्राइबर्स को इससे इनकम टैक्स समेत रिटायरमेंट फंड में नुकसान हो सकता है. इससे उन्हें पेंशन बेनिफिट और लॉयल्टी का भी नुकसान होता है.

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