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मन की बात: पीएम मोदी को खलती है इसकी एक कमी, मन की बात में खुद दी गई जानकारी


पीएम मोदी (फाइल फोटो)

पीएम मोदी मन की बात: मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले हैदराबाद की अपर्णा रेड्डी जी के एक सवाल ने उन्हें झकझोर कर रख दिया।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:28 फरवरी, 2021, 2:47 PM IST

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) पिछले सात साल से देश के प्रधानमंत्री हैं। इसके अलावा वे 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। पीएम मोदी पिछले लगभग चार दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं। इसके बावजूद उन्हें एक भाषा न सीखने का मलाल है। और वह तमिल (तमिल) है। उन्होंने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (मन की बात) में इसका जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल न सीख पाने का उन्हें दुख है। इसके अलावा उन्होंने अपने आधे घंटे के कार्यक्रम में जल संरक्षण पर भी चर्चा की।

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले हैदराबाद की अपर्णा रेड्डी जी के एक सवाल ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। रेड्डी ने पीएम से कहा कि आप इतने साल से पी.एम. हैं, कई साल सी.एम. रहा, तुम्हें कभी लगता है कि कुछ कमी रह गई है? पीएम मोदी ने कहा कि अपर्णा जी के सवाल का जवाब आसान और मुश्किल दोनों था। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी बहुत छोटा और साधारण सा सवाल भी मन को झकझोर जाता है। ये सवाल लंबे समय में नहीं होते हैं, बहुत आसान होते हैं, फिर भी वे हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ‘

पीएम मोदी – मन के कार्यक्रम में

तमिल न पढ़ाते कालापीएम मोदी ने कहा कि उनके सवाल ने उन्हें थोड़ी देर के लिए सोचने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस सवाल पर विचार किया और खुद से कहा मेरी एक कमी ये रही कि मैं दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा – तमिल सीखने के लिए बहुत प्रयास नहीं कर पाया, मैं तमिल नहीं सीख पाया। यह एक ऐसी सुंदर भाषा है, जो दुनिया भर में लोकप्रिय है। बहुत से लोगों ने मुझे तमिल साहित्य की गुणवत्ता और इसमें लिखी गई कविताओं की गहराई के बारे में बहुत कुछ बताया है। ‘

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तम का इतिहास
बता दें कि तमिल दक्षिण एशिया में बेहद लोकप्रिय भाषा है। ये भारत में TN और पुडुचेरी में बोली जाती है। इसके अलावा ये भाषा श्रीलंका और सिंगापुर में भी लोकप्रिय है। कहा जाता है कि ये भाषा 1500 वर्ष ईसा पूर्व के आसपास की है।







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