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मुआवजे के लिए बना शोले का ‘वीरू’: पावर स्टूडियो से हुआ फसल को नुकसान, सुबह से रात भूखा-प्यासा मोबाइल टॉवर पर चढ़ा रहा युवक, एडीएम के आश्वासन के बाद रात 9:30 बजे उतरा


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  • पावर ग्रिड से हुई फसल को नुकसान, युवाओं ने सुबह से 9:30 बजे तक भूखे प्यासे मोबाइल टॉवर पर चढ़कर एडीएम तक पहुंचाया

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सतना17 मिनट पहले

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युवक पावर स्टूडियो के इसी टॉवर के ऊपर चढ़ गया था, रात में उसे उतारा गया था।

  • पीड़ित ने कहा- जब तक समस्या का निराकरण नहीं होगा, वह नहीं टूटेगा

पावर रिकॉर्डिंग से हुई फसल के नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर नागौद क्षेत्र के अतरबेदिया कला का किसान अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर रहा है। बताया गया, प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए किसान शोले फिल्म का ‘वीरू’ बन गया। पीड़ित का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। मांगों को लेकर जिद में अरा किसान सुबह से शाम तक स्टूडियो के टॉवर पर चढ़ा रहा। रात के दौरान एडीएम सुश्री विमलेश सिंह मौके पर पहुंची। एडीएम की समझदारी के बाद लगभग 9:30 बजे युवक टॉवर से उतर आया। एडीएम ने उसे सोमवार को कागजात के बारे में कार्यालय बुलाया है।

अतरबेदिया कला निवासी कृषक बालेंद्र पांडेय का कहना है, मैं ही गाँव में ऐसे दर्जनों किसान हैं, जो पावर फील्ड कंपनी की मनमानी का शिकार है, जबकि सरकारी स्तर से उचित मुआवजा देने का विधान है फिर भी विभाग के जिम्मेदार किसानों की बात नहीं सुनते। कर रहे हैं। अब लगातार प्रशासनिक अनदेखी के शिकार अन्य किसानों का भी आक्रोश पनपने लगा है। प्रदर्शनकारी ने दावा किया है, और किसान भी आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन करेंगे। पीड़ित का कहना है, जब तक प्रशासन बात नहीं मानेगा, मुआवजा नहीं दिलाएगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

13 साल से लगा रहा चक्कर
किसान का कहना है कि मैं 13 साल से विभिन्न सरकारी क्षेत्रों का चक्कर लगा रहा हूं, फिर भी परीक्षण नहीं हो रहा है। एक अधिकारी, दूसरे अधिकारी की जिम्मेदारी बता कर पल्ला झाड देते हैं। कंपनी ने किसानों की जमीन भी ले ली, मुआवजा भी नहीं दिया। साथ ही, तार खींचते समय कई बार फसलों का भी नुकसान हुआ है। विरोध करने पर पुलिस की धौंस देकर डंडे के दम पर काम कराया गया है। पीड़ित किसान संबंधित खेतों में दर्जनों बार आवेदन दे चुका है, लेकिन मुकदमा नहीं हुआ। किसान ने कहा, मैं तब तक नीचे नहीं उतरूंगा, जब तक मामला का निराकरण नहीं होगा।

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