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मेरठ: सांसद ने फीता काटकर की तीसरे चरण के कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत, जानिए इससे जुड़े कुछ सवालों के जवाब


मेरठ। मेरठ में कोरोना वैक्सीन (कोरोना वैक्सीन) के तीसरे चरण का प्रारंभ लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज में सांसद राजेन्द्र अग्रवाल (सांसद राजेंद्र अग्रवाल) ने फीता काटकर किया। वहीं आयुक्त अनीता सी मेश्राम और जिलाधिकारी के बालाजी ने टीकाकरण अभियान का निरीक्षण एलएलआरएम मेडिकल कालेज व अन्य अस्पतालो में किया। सांसद ने यहां कोरोना वैक्सीन भी लगवाई। सांसद ने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में कोरोना का टीका भी लगवाया।

सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना का केक पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। आकृत अनीता सी मेश्राम ने प्रत्येक लोकेशन पर बनाये गये तीनो कक्ष वेटिंग कक्ष, सेपरेट वैक्सीनेशन कक्ष व ऑब्जरवेशन कक्ष का निरीक्षण किया। इस मौके पर Hindinews18.com ने एमपी के अथॉरिटीज से कुछ सावल किए। उनके जवाब सांसद ने इस प्रकार दिए। आइए सावल-जबाव पर डालते हैं नजर …।

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सवाल: शहर में कोरोना का केक कई अस्पतालों में लगाया जा रहा है। ऐसे में कैसे चुनें कि कौन से अस्पताल में कोरोना काका लगवाना चाहिए?उत्तर: शहर में टीकाकरण को लेकर मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल प्राइमरी हेल्थ सेंटर यानी पीएचसी और कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर यानी सीएचसी और प्राथमिक अस्पताल में टीकाकरण करवाया जा सकता है। साठ साल की उम्र वाले सभी बुज़ुर्गों को इन सरकारी अस्पतालों में फ्रीके लगेगा, जबकि प्राथमिक अस्पताल में अगर कोई टीकाकरण करवाता है तो उसे 250 रुपए देने होंगे।

प्रश्न: छोटा शहर जहां कोरोना बहुत ज्यादा नहीं फैला है, वहां के लोगों को टीकाकरण करवाना चाहिए।

उत्तर: मेरठ के डीआईओ यानी डिस्ट्रिक इम्यूनाईजेशन ऑफिसर का कहना है कि टीकाकरण सौ प्रतिशत करवाना चाहिए क्योंकि जब कोरोना चीन से चलता हुआ अलग-अलग जिलों में आ गया तो क्या यकीन है कि आपके शहर में दोबारा नहीं आ सकता।

प्रश्न: कौन-कौन सी वैक्सीन उपलब्ध हैं और उनके नफा नुकसान क्या हो सकते हैं?

उत्तर: डीआईओ डॉ। पी। । गौतम ने कहा कि दो तरह की वैक्सीन हैं। कोविक्सीन और कोविशील्ड। दोनों ही वैक्सीन पूरी तरह से सेफ हैं। कोविक्सीन मौसमी परिवर्तन वाले वायरस को भी मारती है और साइड इफेक्ट बिलकुल नहीं है।

प्रश्न: डायबटज, हाइपर दिल, किड़नी और लिवर के रोग उन पर इस वैक्सीन का क्या असर है?

उत्तर: डॉ। पी। । गौतम का कहना है कि ऐसी बीमारी वाले मरीजों को वैक्सीन सबसे पहले लगवानी चाहिए, क्योंकि अगर कोरोना हो गया है तो उनकी बीमारी और घातक बीमारी हो जाएगी।

प्रश्न: कोरोना का टीका लगवाने के लिए पंजीकरण कैसे होता है?

उत्तर: पंजीकरण सरकारी संस्थान या एफई एनई Covin.gov.in । बनाया जा सकता है। आरोग्य सेतु एप पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

प्रश्न: जहाँ टीका लगाया जा रहा है वह क्या है जिस स्थान को विभाजित फैलाने का बहुत बड़ा केंद्र है तो नहीं गया है?

उत्तर बिलकुल भी नहीं है

प्रश्न: केंद्र पर जल्दी से टीका लगवाने या फिर कम इंतजार करने के उपाय, अगर दिए गए समय से लेट हो जाएं तो क्या होगा।

उत्तर: डॉ पी के गौतम का कहना है कि अगर एक डोज़ लगवाने के बाद दूसरे डोज़ समय पर नहीं लगवाई तो उतना फायदा नहीं होगा। एक डोज़ से तीन चार महीने फायदा रहेगा और दूसरा डोज़ होगा तो कई साल तक फायदा रहेगा।





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