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मोर्चे में नेताओं के ट्रैक्ट्टर अगुआई कर रहे थे, अकेले मैं ही विलेन हो गया? – दीप सिद्धू की सफाई


किसान ट्रेक्टर आंदोलन के दौरान हुई हिंसार को लेकर दीप सिद्धू ने एक वीडियो मैसेज के जरिये सफाई दी। (फाइल फोटो)

किसान हिंसा पर दीप सिद्धू का बयान: दीप सिद्धू ने कहा, ‘उसके बाद सुबह परेड में पंधेर और पन्ना के ट्रैक्ट्टर जेदेदे के आगे थे। अब आप यह बात सोचेंगे कि कहा जा रहा है कि दीप सिद्धू लोगों को भड़का गया है। भला अकेला मैं लाखों लोगों को कैसे भड़का सकता हूं। लाल किले तक लाखों लोग पहुंचे, दीप सिद्धू भी एक था। ‘

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:27 जनवरी, 2021, 12:14 PM IST

नई दिलवाली गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) के मौके पर मंगलवार को दिलनाली में किसानों की ट्रैक्ट्टर रैली (किसान ट्रैक्टर रैली) के दौरान लोगों को भड़काने का आरोप लगने के बाद एक्टर और कथित सोशल एक्टिविस्ट दीपू सिद्धू (दीप सिद्धू) ने सामने आकर सफाई दी है। उन्होंने दावा किया है कि कइ 26 जनवरी को परेड निकलने से एक रात पहले ही संविदा किसान मोर्चे (संयुक्ता किसान मोर्चा) के मंच से नौजवानों ने जोश और होश में इस बात पर रोष भी प्रकट किया कि हम दिलवाली के अंदर जाएंगे, ना की सरकार और पुलिस द्वारा दिए गए रूट पर। यह बात को अनदेखा किया गया। उन्होंने कहा कि संज्ञा किसान मोर्चे ने लोगों की सच्ची भावनाओं को अनदेखा किया। उन्होंने यह भी कहा कि परेड में उनके संगठन के दो बड़े नेताओं के ट्रैक्ट्टर जेदथे के आगे थे तो कि दीप सिद्धू अकेले लाखों लोगों को कैसे भड़का गया?

वीडियो मैसेज के जरिये दी गई सफाई
दीप सिद्धू ने एक वीडियो मैसेज के जरिये सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे खिलाफ संघर्ष कर रहे सभी लोग प्रचार कर रहे हैं कि दीप ने इस आंदोलन को खराब किया, लोगों को भड़काया। पहली बात तो यह है कि जो वहाँ पर घटना हुई, कल रात सिक्वेंस ऑफ़ इवेंट जो मोर्चे की तरफ से हो रहे थे, उन्हें समझ में आ रहा था। पहले सरवन सिंह पंधेर (किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब के महासचिव) और सतनाम सिंह पन्नू (किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष) ने मोर्चे के मंच पर आकर यह बात कही कि हम पुलिस अधिकारियों की तरफ से दिए गए मार्च नहीं करेंगे, बल्कि दिलली के अंदर जाएगा। उसके बाद संज्ञा किसान मोर्चे के बीच आम सहमति हुई कि रिंग रोड से जाने वाले रूट को बदलकर पुलिसवालों के दिए गए रूट पर जाना होगा। उसको बारे में भी आप मेरे सभी वीडियो देख रहे हैं, उसमें वही बात कही गई है कही एक साझा फैसला लिया जाएगा। ‘

उन्होंने आगे कहा, ‘यह व प्रभावशाली संगत का निर्णय कुछ है और जज्बात कुछ और। सोमवार रात मोर्चे के मंच से नौजवानों ने जोश और होश में इस बात पर रोष भी प्रकट किया कि हम दिल्नली के अंदर जाएंगे, ना की सरकार, पुलिस द्वारा दिए गए रूट पर। इस बात को अनदेखा किया गया। लोगों की वास्तविक भावनाओं को अनदेखा किया गया। वहाँ कहा गया है कि हम जो कहेंगे, वही करेंगे और संगत को भी वही करेंगे। ‘इस तरह तो 5 से 10 लाख लोग दोषी हुए- दीप
दीप सिद्धू ने कहा, ‘उसके बाद सुबह परेड में पंधेर और पन्तू के ट्रैक्ट्टर ज्रेडथे के आगे थे। अब आप यह बात सोचेंगे कि कहा जा रहा है कि दीप सिद्धू लोगों को भड़का गया है। भला अकेला मैं लाखों लोगों को कैसे भड़का सकता हूं। लाल किले तक पहुंचे लाखों लोगों में दीप सिद्धू भी एक था। यह भी देखा जाए क जिदितबेदीयों ने जो रूट दिया था, उसमें बहुत संगत और संगत से अलग होकर जो रूट बना लिया, उसमें कितने लोग गए। चार मोर्चे, चार जगह बैरिकेड तोड़कर लाल किले तक पहुंचे और वहां दाखिल हुए। हमने कोई झंडा नहीं लगाया। लोगों ने ही निशान साहब और किसान मजदूर एकता समिति का झंडा लगाया। ‘ उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े संघर्षों में जब हम किसी खास व्यवस्था को कोकरकर देखने जाते हैं तो वहीं गलती कर जाते हैं। इस तरह तो 5 से 10 लाख लोग सभी दोषी हो गए। या अकेले दीप सिद्धू ही विलेन बन गए?

‘मैं मोर्चे और किसानों के हित से बड़ा नहीं’
उन्होंने कहा, ‘सब संगत का फैसला दिलनाली जाने का था। उसके बाद जो जो रासता बन गया, लोग उधर-उधर चले गए। जब मैं रेडलेस पहुंचा, तो पहले से ही लाखों लोग मौजूद थे। मेरे किसी वीडियो में कोई यह दिखा दे कि अकेला दीप सिद्धू सभी को अकेला ले गया। मैं मोर्चे और किसानों के हित से बड़ा नहीं हूं और किसी को भड़काने नहीं आया। मैंने कोई हिंसा नहीं की, किसी को भी भयभीत नहीं किया। ना ही किसी को मार डाला गया। हम खाली हाथ थे, बस उनमें झंडे थे। किसी भी सार्वजनिक प्रॉपर्टी और फोर्स को नुकसान नहीं पहुंचाया। मेरे खिलाफ प्रचार किया जा रहा है कि दीप बीजेपी और आरएसएस का बंदा है, इस तरह आप कुछ समझ नहीं सकते हैं। हमारी लीडरशिप सरकार की तरह वास्तविक भावनाओं को नहीं समझती और अगर समझती को कल रात को सभी के साथ बैठकर बैठक कर साझा निर्णय हो जाता है। ‘







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