Home जीवन मंत्र ये 4 वजहों से पीने के लिए कभी न करें

ये 4 वजहों से पीने के लिए कभी न करें


ये प्लास्टिक अक्षय होते हैं जिन्हेन नस्ट करने के लिए एक विशेष वर्तनी में जाना होता है। चित्र साभार: पिक्साबे

कंपनियां यह दावा करती हैं कि वे बीपीए मुक्त पियालिस्टिक का प्रयोग करते हैं, इसके बावजूद इन वर्षों (प्लास्टिक की बोतल) को बनाने में कैमिकॉलस (रासायनिक) का प्रयोग किया जाता है जो बहुत हानिकारक (हानिकारक) हैं।

प्लास्टिक की पानी की बोतल के साइड इफेक्ट्स: आम तौर पर अरबन क्षेत्र के घरों में पानी को दर्शाने वाला (स्टोर) करने और पीने (पीने) के लिए पियालिस्टिक की वर्षो (प्लास्टिक की पानी की बोतल) का प्रयोग किया जाता है। यह नहीं है, लोगों की यह बहुत ही कॉमन सी इस्तेमाल होती है कि अगर कोल्ड ड्रिंक पिया या कहीं पानी खेला जाता है तो उसकी खाली हो चुकी बोतल घर ले आए और उसे पीने या रोटर करने के लिए प्रयोग करने लगे।

लेकिन आपको इस बात की जानकारी होनी आवश्यक है कि आपकी यह प्रयुक्त ना केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, यह आपकी सेहत को भी दिशागतता प्रभावित कर रही है। ये बोतलें कई कैमिकल उत्पादों के बाद बनती हैं जिनकी अपनी रिसाइकिल का तरीका होता है। ये टेंपरेचर सेंसेटिव भी होते हैं जो कारण से इनको अगर पानी पीने या रोटर करने के लिए प्रयोग किया जाए तो येे आपकेे स्वास्तथ को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

खतरनाक कैमिकल के प्रभाव में आता है पानी

हालांकि कई कंपनियां यह दावा करती हैं कि वे बीपीए फ्री प्लीस्टिक का प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद हर तरह की पूलास्टिक सालों के साथ बनाने में कई कैमिकल का प्रयोग किया जाता है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक हैं। जब ये बोतल का पानी और हीट के संपर्क में आते हैं या कई दिनों तक पानी को शामिल करने वाला होता है तो इसके हानिकारक कैमिकल पीने के पानी में घुल जाते हैं और हमारे शरीर की अंत: स्रावी ग्रंथियों (अंतःस्रावी व्यवधानों) को प्रभावित करते हैं: प्रभाव हमारे झुंड पर पड़ता है।यह भी पढ़ें: शेयरट्रॉन्ग इर्मयूनिटी तो पैक्टड फूड से बनाएं दूरी, नए शोध में हुआ खुलासा, जानें वजह

74 प्रतिशत बोतल में टॉक्सिक होता है

Consumerreports.org की खबर के मुताबिक, इनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नॉलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि रोजाना 8 तरीके के प्लीस्टिक का प्रोडक्शन होता है जिसमें तमाम दावों के बावजूद 74 प्रतिशत प्रोडक्ट टॉक्सिक पाया गया। लोगों के साथ लोगों में जागरुकता के अभाव की वजह से इनका धड़ल्लेले से प्रयोग किया जा रहा है।

पर्यावरण के लिए नुकसान

ये प्लास्टिक अक्षय होते हैं जिन्हेन नस्ट करने के लिए एक विशेष वर्तनी में जाना होता है। यदि इन वर्षों का उपयोग किया जाता है तो यहाँ दी गई तो इनकी रीति सही तरीके से नहीं हो सकती। ऐसे में प्लास्टिक की बोतलें धरती पर पलाइस्टिक कूड़ा उठती हैं जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इसलिए प्लास्टिक का उपयोग करने की बजाय धातु से बनाए गए टनलों का उपयोग बेहतर है।

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गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए उपयुक्त

प्लास्टिक की बोतल में अगर लंबे समय से पानी भेजनेवाला किया जा रहा है तो इसमें रखा पानी पूरी तरह से टॉक्सिक हो चुका है जिसका प्रयोग अगर गर्भवती महिलाएं या शिशुचे करें तो इनकी सेहत को यह बहुत ही नुकसान पहुंचाते हैं। (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। ये पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)







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