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रिटायर्ड एसडीओ ने खुद को मारी, मौत: यूसाइड नोट में लिखा दर्द- बहू ने मुझे चोर कहा, मेरी सामाजिक हत्या की है, अब जीना नहीं चाहता हूं


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ग्वालियर4 मिनट पहले

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मृतक रिटायर्ड एसडीओ राजेन्द्र सिंह राजपूत, बहू से परेशान होकर की खुदकुशी

  • विनय नगर सेक्टर -4 में रतिराम गार्डन के पास की घटना
  • मंगलवार को सुबह दो बोरे से 12 बोर बंदूक से खुद को मारी गोली

दो साल पहले कृषि विभाग से रिटायर्ड हुए एसडीओ ने अपनी ही बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। घटना मंगलवार सुबह विनय नगर सेक्टर -4 रतिराम गार्डन के पास की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल से एक्यूसाइड नोट भी मिला है। जिसमें रिटायर्ड एसडीओ ने अपना दर्द लिखा है। वह लिख रहे हैं कि मकान के लिए बहू ने मुझे चोर कहा, उसके पिता-मुसलमानों ने मुझे पीटा और झूठे मामले दर्ज कराए। मेरी सामाजिक हत्या की है। अब जीना नहीं चाहता। पुलिस ने शव को निगरानी में जांच शुरू कर दी है।

इसी तरह 12 बोरों से रिटायर्ड एसडीओ ने खुद को गोली मारी है, बिस्तर पर उनका शव

इसी तरह 12 बोरों से रिटायर्ड एसडीओ ने खुद को गोली मारी है, बिस्तर पर उनका शव

बहोड़ापुर विनय नगर सेक्टर -4 रतिराम गार्डन के पास निवासी 62 वर्षीय राजेन्द्र सिंह राजपूत कृषि विभाग से रिटायर्ड आरओ थे। वह 9 सितंबर 2018 को बिलासपुर छत्तीसगढ़ से रिटायर्ड हुए। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। बड़ा बेटा प्रोफेसर है और अभी शिवपुरी में पदस्थ है। छोटे बेटे शहर में ही किसी शासकीय विभाग में पदस्थ है। बड़े बेटे की बहू प्रीति सिंह का मायका शिवपुरी में है। बहू से रिटायर्ड एसडीओ की बिल्कुल भी पटती नहीं थी। बहू और उसके मायके पक्ष के लोग काफी समय से विनय नगर स्थित प्रॉपर्टी को बहू के नाम करने के लिए कह रहे थे। इसी तरह रिटायर्ड एसडीओ राजेन्द्र सिंह परेशान थे। मंगलवार सुबह वह नींद से जागा। पत्नी के हाथ की चाय पी। पत्नी अन्य काम में लग गई और रिटायर्ड एसडीओ ने अलमारी से अपनी 12 बोर की दोनाली बंदूकें निकाली और ठोढ़ी पर अकरकर स्टेज दबा दिया। उनके जबड़े को उड़ाते ही दीवार में लगी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी व आसपास के लोग वहां पहुंचे, लेकिन मौके पर ही रिटायर्ड एसडीओ की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। साथ ही फोरेंसिक एक्सपर्ट्स डॉ। अखिलेश भार्गव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरे घटना स्थल की जांच की है। दो नाल में एक जिंदा कारतूस व एक चला हुआ खोका मिला है।

बहू से परेशान एसडीओ बरकरार थे

घटना स्थल से एक्यूसाइड नोट पुलिस को मिला है जिसमें रिटायर्ड एसडीओ ने अपना पूरा दर्द लिखा है। इसमें बताया गया है कि 30 सितंबर 2018 को बरकरार रहने के बाद अभी तक एक दिन भी बहू ने कभी खाना परोसकर नहीं दिया। हमेशा बेइज्जत किया। मुझ पर चोरी का आरोप लगाया और दोगला ने कहा। हद तब हो गई जब कल्लन सरपंच की बहू को मेरे सामने बेइज्जत किया। झूठे आरोप लगाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर। 3 जुलाई 2020 को बहू प्रीति और उसके पिता परिमल सिंह, भाई प्रमोद उर्फ ​​चिंटू और मनीष सिंह ने मेरे घर पर हमला बोल दिया। मुझे मारपीट की। बहू ने शिवपुरी और ग्वालियर में झूठे मामले दर्ज कराए। जिससे मेरी सामाजिक हत्या हुई है। उनके कारण अब जीना नहीं चाहता।

बहू प्रॉपर्टी अपने नाम करना चाहती थी

रिटायर्ड एसडीओ के शहर में विनय नगर, डीडी नगर सहित दो जगह खेती उपयोग भूमि है। विनय नगर वाले मकान को बहू प्रीति अपने नाम प्रदान करने के लिए दबाव डाल रही थी। इसके जिक्र में उन्होंने अपने नोट में भी किया है। उस बहू और उसके पिता, भाई प्रॉपर्टी उसके नाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा भी पता लगाया गया है कि मंगलवार को मकान की रजिस्ट्री के लिए जाना था, लेकिन उससे पहले ही रिटायर्ड एसडीओ ने यह कदम उठाया।

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