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लगातार पांच महीने बनेगा रिकॉर्ड: फरवरी में भी 1 लाख करोड़ रुपए के पार जा सकता है, जीएसटी कलेक्शन है, आज जारी आंकड़े हैं


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  • जीएसटी संग्रह फरवरी 2021 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स में 1 लाख करोड़ रु। पार कर सकता है

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नई दिल्ली13 मिनट पहले

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  • जनवरी में 1.19 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन हुआ था
  • कोविड -19 से अप्रैल 2020 में 32,172 करोड़ का टैक्स मिला था

कोरोना के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार तेजी आ रही है। इसी का नतीजा है कि बीते चार महीने से लगातार गूड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो रहा है। आज फरवरी महीने के GST कलेक्शन के आंकड़े आने वाले हैं। इस बार भी 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का GST कलेक्शन रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

पहली बार लगातार पांच महीने 1 लाख करोड़ के पार जीएसटी कलेक्शन रहेगा

अर्थव्यवस्था में आई तेजी और सरकारी प्रयासों की बदौलत फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद यह पहला मौका होगा जब लगातार पांच महीने तक कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के बराबर रहेगा।

इन कारणों से लगातार वृद्धि जीएसटी कलेक्शन है

  • इकोनॉमी में सुधार के साथ बढ़ बढ़ रहा है। इससे सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा है।
  • सरकार देशभर में जीएसटी चोरी और फेक बिल के खिलाफ अभियान चला रही है। इससे बहुत अधिक टैक्स मिल रहा है।
  • कोविड -19 के बाद लगातार कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे रिटर्न फाइलिंग बढ़ रही है। क्लिक की संख्या बढ़ने से भी टैक्स बढ़ रहा है।

पिछले महीने बना जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड था

जनवरी 2021 में जीएसटी कलेक्शन के तौर पर सरकार को 1 लाख 19 हजार 847 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद यह सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन का एक रिकॉर्ड था। इससे पहले दिसंबर 2020 में 1 लाख 15 हजार 174 करोड़ के रेवेन्यू के साथ सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड बना था।

2020 में केवल 5 महीने 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश

कोविड -19 महामारी और लॉकडाउन के कारण 2020 में सिर्फ पांच महीने जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी 2020 में 1 लाख 10 हजार 828 करोड़ रुपए कलेक्शन हो रहा था। अगले महीने फरवरी में 1 लाख 5 हजार 366 करोड़ रुपये आए। मार्च के बाद अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

अप्रैल में सबसे कम कलेक्शन हुआ था

कोविड -19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन से मार्च से जीएसटी कलेक्शन घटने लगा था। उस महीने के बाद एक लाख करोड़ रुपए से कम 97 हजार 597 करोड़ रुपए रह गए थे। अप्रैल में तो यह सिर्फ 32 हजार 172 करोड़ रुपये रह गया जो अब तक का सबसे कम है। हालांकि मई से इसमें लगातार सुधार हो रहा है।

अप्रैल से सितंबर 2020 तक जीएसटी कलेक्शन

महीना कलेश
अप्रैल 32,172 है
मे 62,151 है
जून 90,917 है
जुलाई 87,422 है
अग 86,449 है
सितंबर 95,480 है

(आंकड़े करोड़ रुपए में)

ट्रेड में रिकवरी हो रही है

ब्रकिंग फर्म केआर चौकसी के एमडी देवेन चौकसी कहते हैं कि इकोनॉमी तेज हो रही है और आगे मजबूत रहेगी। स्थिति सुभारती है तो इसका असर टैक्स कलेक्शन पर है। कारोबार ज्यादा होगा तो टैक्स ज्यादा होगा। उनका कहना है कि सब कुछ डिजिटल होने से टैक्स की चोरी कम हुई है। बीते दो महीनों में जीएसटी कलेक्शन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना का यह भी एक कारण है।

1.25 लाख करोड़ रुपये तक का कलेक्शन हो सकता है

आनंद राठी सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी कहते हैं कि हालांकि जीएसटी कलेक्शन ने कोरोना के पहले के स्तर के आंकड़े को पार कर लिया है, लेकिन अभी भी इसमें और बढ़ोतरी की गुंजाइश है। अर्थव्यवस्था में रिकवरी हो रही है। अभी तक इकोनॉमी पूरी तरह से खुले नहीं है, कुछ क्षेत्रों में अभी बंदिशें लगी हैं। वैक्सीन आने से चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था में तेजी से आएगी तो हर महीने का जीएसटी कलेक्शन 1.25 लाख करोड़ रुपए तक रहेगा।

तीसरी तिमाही में पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ से हुई

देश की GDP विकास दर अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही में 0.4% रही। शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़े में यह बात कही गई है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, इस कारोबारी साल 2020-21 में देश की जीडीपी में 8% की गिरावट रह सकती है। तीसरी तिमाही में विकास दर्ज करने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था तकनीकी मात्रा से बाहर आ गई। इससे पहले लगातार दो तिमाही सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट दर्ज की गई थी।

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