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लैंगिक भेदभाव मिटाने का प्रयास: अमेरिकी खिलौने बनाने वाली कंपनी मिस्टर पोटैटो से हटाए गए ‘मिस्टर’, लोगों ने की इसका नाम से ‘ब्रो’ शब्द हटाने की मांग की।


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4 मिनट पहले

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अमेरिका के प्रसिद्ध खिलौने मि। पोटैटो हैड से अब मिस्टर हट गया है। इसे बनाने वाली कंपनी हैसब्रो अब इसे ‘पोटैटो हैड’ नाम से प्रचारित करेगी। हाल ही में कंपनी की इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर पोटैटो हैड ट्रेंड करने लगी। लोग यहां तक ​​कहने लगे कि कंपनी को अपने नाम में से ‘ब्रो’ भी हटा देना चाहिए। कंपनी की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट किम्बेरले बॉयड ने कहा कि कंपनी के इस निर्णय के पीछे की वजह इसे और ज्यादा समावेशी बनाना और लैंगिक भेदभाव मिटाना है।

मि। पोटैटो हैड खिलौनों की पूरी श्रृंखला है। इसमें शरीर के अंग जैसे आंख, नाक-कान के अलावा दूसरी सहायक उपकरण जैसे टोपी आदि को प्लास्टिक के पोटैटो में लगाया जाता है। कंपनी ने 1952 में मि। पोटैटो हैड बनाया था तब यह खिलौनों के रूप में सिर्फ शरीर के अंग बनाता था, बाल घर में असली आलू या दूसरी सब्जी में इसे डालते थे। इसके बाद कंपनी ने प्लास्टिक के पोटैटो बनाना शुरू किया। टेलीविजन पर विज्ञापन देने वाला यह अमेरिका का पहला खिलौना था।

हालांकि कंपनी अपने एक खिलौने के शेयरों मिस्टर और मिसेज हैड का नाम नहीं बदल रही है। कोबीटीक्यू के लिए संस्था चलाने वाले एक समूह ने कहा कि हैसब्रो बच्चों को खिलौनों को अब सही वंशजों में एक खिलौना दे रहा है, पारंपरिक दकियानूसीेंडर मान्यताओं से हटकर बच्चे अब खुद को अंतर खत्म कर देंगे। पिछले कुछ वर्षों में कई खिलौना निर्माता कंपनियों ने अपने ब्रांडों के नाम बदल दिए हैं। उदाहरण के लिए बार्बी डॉल अब सिर्फ गोरे रंग में नहीं आती, बल्कि त्वचा के मुमकिन सभी रंगों और शारीरिक आकार में आती है।

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