Home मध्य प्रदेश वन विभाग के हत्थे चढ़े शिकारी: 4 दिन पहले जंगल में चीतल...

वन विभाग के हत्थे चढ़े शिकारी: 4 दिन पहले जंगल में चीतल का शिकार करने वाले 2 शिकारी पकड़े, मास, दुल्हन और सिर बरामद


विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ग्वालियर7 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

पकड़े गए दोनों शिकारियों को कोर्ट में पेश करने ले चलते वन विभाग और पुलिस के जवान

  • वन विभाग को बड़ी सफलता मिली
  • पनिहार के जंगल में मऊच इलाके में हुआ था शिकार

वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। 4 दिन पहले चीतल (हिरन) का शिकार करने वाले गैंग के दो शिकारी पकड़े गए हैं। उनके पास से चीतल की खाल, कुछ मास, सींग और सिर मिला है। पकड़े गए दोनों शिकारियों से पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया है। हस्तक्षेप में कई सालों से शिकार करने की बात यह कह रहे हैं। इस मामले में करंट लगाकर चीतल को मारना बता रहे हैं। शिकारियों ने खुलासा किया है कि उनके और शिकार के बीच में जो आता है वह उसे भी नहीं छोड़ते हैं।

शिकारियों से बरामद चीतल का सिर, सींग व मास, साथ में वह तार कर करंट लगाकर उसे मारा गया

शिकारियों से बरामद चीतल का सिर, सींग व मास, साथ में वह तार कर करंट लगाकर उसे मारा गया

एसडीओ बकवलियर राजीव कौशल ने बताया कि चार दिन पहले वन क्षेत्र में पनिहार चौकी के पास मऊच घाटी में एक चीतल के शिकार की सूचना मिली थी। जब वन विभाग की टीम वहां पहुंची तो शिकारी चीतल को लेकर भाग चुके थे। टीम को शिकार होने के पुख्ता सबूत मिले थे। केवल से लगातार शिकारियों की छानबीन की जा रही थी। शनिवार सुबह मऊच घाटी के जंगल में एक बार फिर वही शिकारी गैंग चीतल का शिकार करने आई थी। इस इलाके में चीतल आसानी से चरते मिले जाते हैं। इसलिए यहाँ शिकारी आते रहते हैं। शिकारी टीम ने एक चीतल पर निगरानी शुरू की, लेकिन वह नहीं जानता था कि वन विभाग की टीम ने उन्हें घेर लिया है। जैसे ही शिकारियों की नजर वन विभाग की टीम पड़ी तो वह भागे हैं। इनमें से दो को वन अमले ने पकड़ लिया। उनके 3 से 4 साथी भाग गए हैं। पकड़े गए दोनों शिकारियों की पहचान गब्बर पुत्र अल्वेल सवेर निवासी मऊच, इरशाद उर्फ ​​छोटू खां निवासी मऊच के रूप में हुई है। जब इनकी निशानदेही पर उनके ठिकानों पर दबिश दी तो उनके घर से मारे गए चीतल का मास, हडि्डयों, खाल व सिर बरामद हुआ है। सभी को रोक कर आरोपियों से पूछताछ की गई है। साथ ही उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है।

दोनों शिकारी से बरामद चीतल की खाल, इसको वह दिल्ली और बाहर के राज्यों के दलालों को तोड़ने थे

दोनों शिकारी से बरामद चीतल की खाल, इसको वह दिल्ली और बाहर के राज्यों के दलालों को तोड़ने थे

अदतन है शिकारी, करंट से मारी थी चीतल

पकड़े गए शिकारियों से पूछताछ में पता लगा है कि वह सपेरा समुदाय और नाथ समुदाय के हैं। वह वर्षों से शिकार पर ही जीवन यापन कर रहे हैं। वह तीर कमान, चाकू व कट्ठा से शिकार को अंजाम देते हैं। पर कुछ समय से वह करंट लगाकर शिकार करते हैं। जहाँ चीतल आते हैं वहाँ वायरिंग कर बैटरी से जोड़ देते हैं। जैसे ही शिकार तार में उलझता है करंत लगने से बेहोश हो जाता है। उसी समय शिकार उसे मार देते थे।

हत्या करने से भी बाज नहीं आते

पिछले साल इन्ही जंगल में शिकारियों को रोकने गए वन विभाग के एक जवान की शिकारी ने हत्या कर दी थी। उस संबंध में हस्तक्षेप करने पर शिकारियों ने बेखौफ होते हुए कहा है कि उनके और शिकार के बीच में कोई आता है तो वह उस पर भी हमला करने से बाज नहीं आते हैं।

खबरें और भी हैं …





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments