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नई दिल्ली12 मिनट पहले

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पीएम का कहना है कि देश में कोई भी डिपॉजिटर हो या कोई भी इनवेस्टर, दोनों ही ट्रस्ट और ट्रांसपेरेंसी का अनुभव करें, ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है।

  • पीएम मोदी ने कहा- फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर सरकार का विजन बिलकुल क्लीन
  • अब NPA को कारपेट के नीच दबाने के बजाए 1 दिन में ही रिपोर्ट किया जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फाइनेंशियल निर्देशों के पहलुओं पर चर्चा की। पीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत किसानों से, कृषि उत्पादों को बेहतर बनाने वाली इकाइयों से, एमएसएमई से और स्टार्टअप से बने।) पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ बड़े उद्योगों या बड़े शहरों से नहीं बल्कि गांव में, छोटे शहरों में छोटे-छोटे शहरों के, सामान्य भारतीयों के परिश्रम से बनेगा।

जहां संभव हो वहां प्राथमिक उद्यम को बढ़ावा दिया जाएगा

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा ये लगातार प्रयास है कि जहां संभव हो वहां केंद्रीय उद्यम को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए। लेकिन इसके साथ-साथ बैंकिंग और बीमा में सार्वजनिक क्षेत्र की भी एक प्रभावी भागीदारी अभी तक देश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे फीनटेक स्टार्टअप्स आज बेहतरीन काम कर रहे हैं और इस सेक्टर में हर संभावनाएं हैं। कोरोना काल में भी जितनी स्टार्टअप डील हुई हैं, उनमें हमारे फिनटेक्स की भागीदारी बहुत अधिक रही है।

41 करोड़ से ज्यादा देशवासियों के पास जनधन खाते हैं

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में 130 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। 41 करोड़ से ज्यादा देशवासियों के पास जनधन खाते हैं। इनमें से लगभग 55% जनधन खाते महिलाओं के हैं और इनमें लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये जमा हैं।

मुद्रा योजना से 15 लाख करोड़ रुपए का लोन छोटे स्तर तक पहुंच गया

पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना से ही बीते सालों में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का ऋण छोटे बैंकों तक पहुंचा है। इसमें भी लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं और 50 प्रतिशत से ज्यादा दलित, वंचित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के उद्यमी हैं।

बैंकिंग-नॉन-बैंकिंग सेक्टर की पुरानी व्यवस्थाओं को संशोधित किया जा रहा है

प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सेक्टर के पुराने तौर-तरीकों और पुरानी व्यवस्थाओं को बदला जा रहा है। 10-12 साल पहले आक्रामक ऋण देने के नाम पर कैसे देश के बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर को नुकसान पहुंचाया गया? यह सब अच्छी तरह से जानते हैं। अब एनपीए को कारपेट के नीचे दबाने के बजाए 1 दिन का एनपीए भी रिपोर्ट करना जरूरी हो गया है।

फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर सरकार का विजन बिलकुल क्लीन

उन्होंने कहा कि देश के फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर सरकार का विजन बिल्कुल साफ है। देश में कोई भी डिपॉजिटर हो या कोई भी इनवेस्टर, दोनों ही ट्रस्ट और ट्रांसपेरेंसी का अनुभव करें, ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इस चर्चा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्रालय, वित्तीय विभाग के अधिकारी और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

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