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विधानसभा की कार्यवाही: नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लेने की संस्तुति पर सपा का विधानसभा में हंगामा, पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोंक झोंक


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लखनऊ5 मिनट पहले

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यूपी विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने सदन में कहा कि सरकार नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लेने जा रही है।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के आठवें दिन मंगलवार को विधानसभा में नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे रेफरी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हो गया। प्रश्नकाल के दौरान कानून मंत्री बृजेश पाठक ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने नेताओं के खिलाफ दर्ज वर्ष 2017 से अब तक 670 मुकदमे वापस लेने की संस्तुति की है। इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने दंगे में शामिल आरोपियों के नाम वापस लिए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक ​​कहा कि कई आतंकवादी तो मुख्यमंत्री भी बन गए हैं।

इस पर एसपी के सदस्यों ने दलवार मुकदमे रेफरी के आंकड़े जनता करने की मांग पर अड़ गए। इस पर बृजेश पाठक ने अपने जवाब से सदस्यों को संतुष्ट करने की कोशिश करते हुए कहा कि दलों के आधार पर यह सार्वजनिक करना या परीक्षण करना कानूनी रूप से सही नहीं होगा।

कानून मंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर बोला तीखा हमला

कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास यह हमारी पार्टी का नारा है और यह भाजपा सरकार ने सिद्ध किया है। सपा सदस्यों के लगातार टोकने पर कानून मंत्री ने वर्ष 2013 में नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे गिनाने लगे। इस पर सपा सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विपक्ष के विधायक वेल में नारेबाजी के साथ हंगामा करने लगे। इस पर ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर आतंकवादियों के समर्थक होने का आरोप लगा दिया।

कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जब हमारी 2017 में सरकार बनी थी तो हमारी पहली काउंटर मीटिंग में प्रस्ताव कर्ज माफी का था और सपा की 2012 में सरकार बनी तो इनकी पहली काउंटर मीटिंग में आंतकवादियों के मुकदमे को बदलने का प्रस्ताव था। इसलिए ये आंतकवादियों के समर्थक हैं।

सरकार ने दिखाया कि सपा ने किन आतंकवादियों के मुकदमें वापस लिए हैं
पाठक के इस बयान पर सपा के सदस्य नाराज हो गए। समाजवादी पार्टी के नेता और सदन में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी सरकार ने दंगे के आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से निवेदन किया कि सरकार यह दिखाए कि समाजवादी पार्टी ने कहां आतंकवादियों के मुकदमे वापस लिए हैं? उन्होंने योगी सरकार से इस बात के प्रमाण दिखाने के लिए कहा और सदन थोड़ी देर रखने के लिए अपील की।

सबसे बड़े आतंकी सत्ता पक्ष में बैठे हैं

योगी सरकार का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सबसे बड़े आतंकवादी के रूप में बैठे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई आतंकवादी तो मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। उन्होंने योगी सरकार पर डांगे के आरोपियों के मुकदमे वापस लेने के आरोप लगाए।

सुरेश खन्ना ने दी मर्यादा कायम रखने की नसीहत

उनके इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री ने उन्हें भाषा की मर्यादा कायम रखने को कहा। उन्होंने कहा कि यह भाषा सही नहीं है, नेता प्रतिपक्ष सही भाषा का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। चौधरी ने जो कहा कि उसे सदन की कार्यवाही से निकाला जाए और नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।

चौधरी का हमला तब भी नहीं रुका उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार ने उप-मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे वापस लिए। उन्होंने 2017 से 2020 तक के रिकॉर्ड भी मांगे। चौधरी के इस बयान पर सदन में हंगामा मच गया।

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