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शेयरों में सीधा निवेश बढ़ रहा है, सिर्फ 10 महीने में डीमैट अकाउंट की संख्या पांच करोड़ हुई


अजय त्यागी, अध्यक्ष, सेबी

मार्केट रेगुलेटर (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया- SEBI) के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि शेयर बाजार के लिए साल 2020 का मार्च महीना काफी उथल-पुथल वाला था। उन्होंने कहा कि अभी वोलैसिलिटी इंडेक्स 20 से ऊपर चली गई है, जो पांच साल के औसत से ऊपर है, लेकिन रिकवरी भी बहुत तेज रही है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2021, 9:59 AM IST

नई दिल्ली। मार्केट रेगुलेटर (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया- SEBI) के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि शेयर बाजार के लिए साल 2020 का मार्च महीना काफी उथल-पुथल वाला था। उन्होंने कहा कि अभी वोलैसिलिटी इंडेक्स 20 से ऊपर चली गई है, जो पांच साल के औसत से ऊपर है, लेकिन रिकवरी भी बहुत तेज रही है। त्यागी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स के एक संबोधन में कहा कि कई ग्लोबल मार्केट में उत्साह (अभूतपूर्व बाजार आंदोलनों) का माहौल है। शेयर बाजार के प्रति आम निवेशकों का रूख बढ़ रहा है। निवेश में उनका सीधा निवेश बढ़ रहा है। निवेश में उनका हिस्सा बढ़ रहा है। अजय त्यागी ने कहा कि शेयर बाजार अतीत में आम लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। यही कारण है कि केवल 10 महीने में ही डीमैट खातों (डीमैट खातों) की संख्या में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।

‘डीमैट की संख्या पांच करोड़ तक पहुंच गई’
डीमैट अकाउंट के आंकड़ों की बात की जाए तो सेबी प्रमुख त्यागी बताते हैं कि तीन से चार करोड़ पहुंचने में पहले 28 महीने लगे थे, लेकिन अब सिर्फ 10 महीने में डीमैट की संख्या चार से पांच करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं, म्यूचुअल फंड्स (म्यूचुअल फंड) के बारे में बात करते हुए सेबी प्रमुख बताते हैं कि पिछले साल दिसंबर के महीने में म्यूचुअल फंड्स की सबसे ज्यादा सैलरी हुई थी। पिछले तीन महीनों में बहुत अधिक फंड में पैसा आने से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में लगातार गिरावट आ रही है। यानी कि शेयर बाजार में एसआईपी के जरिए निवेश कम हुआ है।

ये भी पढ़ें- मार्च में शेयर बाजार जबरदस्त कमाई का मौका देगा, आईपीओ की तैयारी 16 कंपनियों में होगी‘क्रेडिट रिस्क योजनाओं में उलटफेर देखा गया’

अजय त्यागी बताते हैं कि मार्च -2020 का महीना जब देशभर में COVID-19 महामारी के कारण पूरी तरह से लॉकडाउन था, उस समयटन बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया था। हालांकि, जनवरी के महीने में क्रेडिट रिस्क योजनाओं में काफी उलटफेर देखा गया। लॉकडाउन के समय डेट फंडों में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई। लेकिन इस साल जनवरी में कई क्रेडिट रिस्क स्कीमों में रिलाइन हुआ।

‘विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार पर भरोसा है’
भारतीय विदेशी पार्क में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश-FPI) में विश्वास जताते हुए त्यागी ने कहा कि यह अब तक का उच्चतम स्तर है। FPI अब तक 35 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है। इसी के साथ भारत सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हासिल करने वाला देश भी बन गया है। यानी कि भारतीय मंचों में विदेशी निवेशकों के भरोसे बना हुआ है।

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आईपीओ को पिछले साल जबरदस्त रिस्पॉंस मिला
आइंसियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) पर बात करते हुए सेबी प्रमुख बताते हैं कि पिछले साल बाजार में लिस्टेड आईपीओ का काफी अच्छा ट्रेंड रहा। जबरदस्त सदस्यता मिली। वे कहते हैं कि पिछले साल आए एक शेयर इस्यू को 100 गुना जबकि इस साल एक इश्यू को 190 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। लगभग सभी शेयरों में आईपीओ क्वालिटी से ऊपर चल रहा है।







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