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सरकार ने बनाया मास्टर प्लान: अगले साल तक कन्वेंट स्कूलों को टक्कर देंगे उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूल, सरकार ने विशेष मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए हैं


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लखनऊएक घंटा पहले

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उत्तर प्रदेश की सरकार ने यूपी में प्राथमिक स्कूलों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के लिए विशेष मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

  • सरकार का दावा 1.59 लाख स्कूलों में से 50 हजार से अधिक का हो चुका है कायाकल्प

अगले साल 2021 तक उत्तर प्रदेश के सभी 1.59 लाख प्राइमरी स्कूल आधारभूत सुविधाओं के लिहाज से महानगरों के कान्वेंट स्कूलों से टकराव होगा। सरकार का दावा है कि कायाकल्प अभियान के तहत अब तक 50 हजार से अधिक स्कूल कान्वेंट स्कूलों की बोगरी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग को सरकार ने कायाकल्प योजना के तहत एक विशेष मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में यह डेड लाइन तय कर दी। उन्होंने प्राइमरी में क्वालिटी एजूकेशन पर जोर देने का का प्लान मांगा है। प्राइमरी स्कूल शिक्षा और संस्कार हीस्क्रिप्टद है लिहाजा सबसे ज्यादा फोकस भी इसी पर है।

14 और निर्धारित किए गए हैं पहले चरण में सभी स्कूलों को 10 पैरामीटर्स पर तैयार किया जाएगा

प्राइमरी स्कूलों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं हों इसके लिए सरकार जून 2018 से मुख्यमंत्री के निर्देश पर नियोजित तरीकों से मुहिम के तौर पर ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 14 कारें तय किए गए हैं। पहले चरण में सभी स्कूलों को 10 पैरामीटर्स पर संतृप्त किया जाएगा। बाकी चार पैरामीटर्स से संतृप्त करने के लिए विभाग ने मार्च 2022 का प्राइमरी पाठशालाएं संस्कारशाला भी होती हैं। इनमें से केवल बच्चों की वैचारिक कक्षाद तैयार होती है।

आगे चलकर ये क्रमशः: प्रयुक्त में बदल जाते हैं। निर्भर करता है एक शिक्षक कैसे बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। यहीं प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर वह बच्चों को उसताबी ज्ञान के साथ अपने गौरवशाली इतिहास, परंपरा, संस्कृति को बताने के साथ उन्हें देश प्रेम के जज्बे और जुनून का भाव जगाते हैं तो यह श्रेष्ठ और सशक्त भारत की ओर से एक कदम होता है। इसके स्कूलों में जाे जरूरी माहौल है हम कायाकल्प के जरिए उसे देने का प्रयास कर रहे हैं।





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