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सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल: वित्त मंत्रालय टैक्स देगा, राज्यों से भी हो रही है बात, 15 मार्च तक घट सकती हैं कीमतें


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मुंबई5 मिनट पहले

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  • कुछ शहरों में इस समय की पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार है
  • अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच 4.21 लाख करोड़ का रेवेन्यू सरकार को मिला

पेट्रोल और डीजल जल्द ही सस्ते होंगे। खबर है कि वित्त मंत्रालय इन दोनों पर एक्साइज ड्यूटी घटाने की योजना बना रहा है। पिछले तीन दिनों से हालांकि पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

15 मार्च तक घट सकती हैं कीमतें

खबर है कि 15 मार्च तक टैक्स घटाने के बारे में फैसला लिया जा सकता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही इस पर फैसला लेगी। पिछले 10 महीनों में कच्चे तेल की कीमत में दोगुना का इजाफा हुआ है। इसी तरह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत इस समय औसत 92 रुपए और 86 रुपए के पार है। कुछ शहरों में तो पेट्रोल 100 रुपए के पार है। ऐसे में चारों ओर से वृद्धि होने से सरकार से एक्साइज ड्यूटी हो सकती है।

केंद्र सरकार एक्साइज लगाती है, राज्य सरकार वैट लगाती है

केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर कमाती है जबकि राज्य सरकारें वैट लगा कर कमाती हैं। पिछले दो दिनों में सरकारी अधिकारियों और काउंटी ने टैक्स को घटाने की मांग की है। कुछ दिन पहले ही सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने यह कहकर इसकी आलोचना की कि राम के भारत में पेट्रोल 93 रुपए है जबकि रावण की लंका में 51 रुपए और सीता के नेपाल में 53 रुपए है।

पेट्रोल को जीएसटी में लाना चाहिए

सोमवार को ही सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट को जीएसटी में लाना चाहिए। भारत में गैसोलीन और डीजल की कीमतों पर दोगुना टैक्स लगता है। केंद्र सरकार ने पिछले 12 महीनों में दो बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। सरकार लोगों को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा देने की बजाय खुद रेवेन्यू बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

राज्यों से हो रही चर्चा है

वित्त मंत्रालय इस संबंध में कुछ राज्यों से भी चर्चा कर रहा है कि वे टैक्स जी दें। हालांकि पंजाब, बंगाल, असम सहित कई राज्यों में हाल ही में अपने टैक्स पेट्रोल पदार्थों पर दिए गए हैं। इन राज्यों में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। केंद्र सरकार को लगता है कि पेट्रोल पदार्थों की ज्यादा दुकानों चुनावों में उसके खिलाफ काम कर सकती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि हम यह नहीं कह सकते हैं कि कब तक टैक्स में कमी होगी, पर हम राज्यों से इसके बारे में बात कर रहे हैं।

5.56 लाख करोड़ रुपये का मिला रे एवेन्यू

31 मार्च 2020 को खत्म हुआ वित्त वर्ष में केंद्र और राज्य सरकार ने पेट्रोलियम सेक्टर से 5.56 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया था। जबकि अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच 4.21 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ है। यह तब हुआ जब हड़ताल की मांग कम थी।

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