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सीजफायर पर यूं ही नहीं माना जाता पाकिस्तान, जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी


सीमा पर शांति की संभावना अब बढ़ गई है। (सांकेतिक चित्र)

पाकिस्तान सीमा (पाकिस्तान सीमा) पर सीजफायर (संघर्ष विराम) का यह फैसला उसी वक्त आया है जब चीन के साथ भी एलएसी पर हालात सुधरते दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान यूं ही इस सीजफायर के लिए नहीं माना गया है। बीते समय में सीमा पर भारत के कठोर रुख ने उसे इसके लिए मजबूर किया है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2021, 8:33 PM IST

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान (भारत-पाकिस्तान) के बीच तय किया गया है कि दोनों पक्षों को लाइन ऑफ कंट्रोल और दूसरे सेक्टर्स में सीजफायर (संघर्ष विराम) करना होगा। यह निर्णय 24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से अमल में लाया जाएगा। इस फैसले को आश्चर्य की निगाहों से भी देखा जा रहा है। क्योंकि सामान्य तौर पर पाकिस्तान की तरफ से अक्सर सीजफायर का उल्लंघन किया जाता रहा है। दिलचस्प है कि पाकिस्तान सीमा पर सीजफायर का यह फैसला उसी वक्त आया है जब चीन के साथ भी एलएसी पर हालात सुधरते दिख रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सीमा पर अशांति की दृष्टि से वर्ष 2020 बेहद खराब रहा है। पूरे साल में सीजफायर उल्लंघन के 4645 मामले हुए। ये बीते सालों की तुलना में काफी है। 2018 में ऐसी 1629 घटनाएं हुईं और फिर 2019 में 3168 घटनाएं हुईं। इस साल के शिफ्ट दो महीने में ही 591 घटनाएं हो चुकी हैं।

गलतफहमी को दूर करने के लिए हैडलाइन का इस्तेमाल किया जाएगा
दोनों देशों के जावेद राज्यमेंट के अनुसार, दोनों DGMO एक-दूसरे के ऐसे आवश्यक मुद्दों और व्यापार को मानने के लिए तैयार हुए हैं, जो शांति भंग कर सकते हैं और हिंसा भड़का सकते हैं। दोनों पक्षों ने आपसी हित और सीमा पर शांति बनाए रखने के इरादे से यह फैसला लिया है। बातचीत के दौरान दोनों देशों ने इस बात को स्वीकार किया कि किसी भी गलतफहमी और अनदेखी करने वाली गतिविधियों के निपटारे के लिए हॉटलाइन का इस्तेमाल किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय की तरफ से साझा बयान में कहा गया, देश दोनों देश सभी समझौतों और LOC के दूसरे सेक्टर्स में। भी सीजफायर का सख्ती से पालन करने के लिए तैयार हो गए हैं। यह 24 से 25 फरवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएगा। ‘ बातचीत के दौरान दोनों सेनाओं ने एलओसी के साथ दूसरे सेक्टर्स पर हालात की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच हॉटलाइन पर बात हुई है।

क्यों सीजफायर के लिए मजबूर हुआ पाकिस्तान

हालांकि कहा जा रहा है कि पाकिस्तान यूं ही इस सीजफायर के लिए नहीं माना गया है। दरअसल बीते समय में भारत ने लगातार सीमा पर कठोर रुख अख्तियार किया है। एक तरफ भारत लगातार चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर डटा हुआ है तो वहीं पाकिस्तान के हर सीजफायर का जवाब देता रहा है। बीते सालों दो बार आतंकियों पर कार्रवाई के लिए भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की है।

एफएटीएफ में ब्लैक लिस्टेड होने का डर सता रहा है
खुद पाकिस्तान भी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट होने का एक झेल रहा है। आतंक के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप के साथ हमेशा लगते रहे हैं। पाकिस्तान को 27 प्वाइंट एक्शन प्लान पर काम करना था। अगर खाना पकाने में कामयाब हो जाता है तो ग्रे-लिस्ट से बाहर आ सकता था लेकिन पाकिस्तान में विफल रहा है। ऐसे में सीजफायर कर पाकिस्तान आंतरिक स्तर पर भी संदेश देना चाहता है।







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