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सुनहरे भविष्य की उम्मीद: सरकार के ताजा सुधारों से इकोनोमिक ग्रोथ में मदद मिलेगी, 7-8% जीडीपी ग्रोथ दसवीं कर जाएगी: कुमार मंगलम बिरला


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नई दिल्ली29 मिनट पहले

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कुमार मंगलम बिरला ने कहा कि लेबर लॉ को मॉडर्न लेबर कोड में बदलना, कृषि संबंधी सुधार और निजीकरण संबंधी स्पष्ट फ्रेमवर्क जैसे कदम सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

  • असेट रिकंस्ट्रक्शन के नए फ्रेमवर्क से एनपीए से सामना करने में मदद मिलेगी
  • जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की भाग वृद्धि से बहुत अधिक रोजगार सृजित होंगे

कोविद -19 की मार के बाद भारतीय इकोनॉमी पॉजिटिव हो गया है। इस बीच आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने इकोनोमिक सुधारों की सराहना की है। बिरला ने कहा है कि सरकार के ताजा सुधारों से इनवेस्टमेंट में आधार होगा। इससे सकल घरेलू उत्पाद में 7-8% ग्रोथ के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी।

गिरावट पहले ही पीछे छूटती है

कुमार मंगलम बिरला ने कहा कि वास्तव में गिरावट पहले ही पीछे छूट गई है। हमें आर्थिक सुधारों की जरूरत है ताकि हम एक विकास की ट्रेन को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि लेबर लॉ को मॉडर्न लेबर कोड में बदलना, कृषि संबंधी सुधार और निजीकरण संबंधी स्पष्ट फ्रेमवर्क जैसे कदम सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि असेट रिकंस्ट्रक्शन के नए फ्रेमवर्क से बैंक और कॉरपोरेट्स की एनपीए की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन से महत्वपूर्ण असेट्स बनाने में मदद मिलेगी

विदेश मंत्रालय और पुणे इंटरनेशनल सेंटर की ओर से आयोजित कक्षा एशिया इकोनॉमिक डायलॉग -2021 में बिरला ने कहा कि मैं नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन को लेकर काफी उत्साहित हूं। इससे महत्वपूर्ण असेट्स और फिजिकल कैपिटल पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। इससे देश में निवेश में काफी उछाल आएगा।

भारत मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनने के काफी करीब है

बिरला ने आगे कहा कि सही डेमोग्राफिक्स, टैलेंट पूल और ताजा सुधारों की बदौलत भारत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्लोबल हब बनने के काफी करीब है। उन्होंने कहा कि हमने जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की 25% भागीदारी करने का लक्ष्य तय किया है। इसका प्रभाव यह होगा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काफी रोजगार पैदा होंगे। मेरा मानना ​​है कि इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश करने वालों की दिलचस्पी बढ़ेगी।

तीसरी तिमाही में पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ को हुआ

देश की जीडीपी विकास दर अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही में 0.4% रही। शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़े में यह बात कही गई है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, इस कारोबारी साल 2020-21 में देश की जीडीपी में 8% की गिरावट रह सकती है। तीसरी तिमाही में विकास दर्ज करने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था तकनीकी मात्रा से बाहर आ गई। इससे पहले लगातार दो तिमाही सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट दर्ज की गई थी।

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