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सूर्य नमस्कार से कई शारीरिक लाभ होंगे, सीखेंगे योग एक्सपर्ट सविता यादव से


एक्सपर्ट सविता यादव द्वारा योग सत्र- योग एक्सपर्ट सविता यादव ने आज News18 हिंदी के फेसबुक पेज पर सूर्य नमस्कार को करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका सिखाया। लेकिन सूर्य नमस्कार से पहले कई प्रकार के वम्सअप जैसे कदमताल, सांसों पर नियंत्रण और फॉरवर्ड, बैकवार्ड बैंडिंग सिखाई गई ।इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (स्वस्थ) रह सकते हैं बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (तनाव) से भी मुक्ति मिलती है मिलता है। योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए। आप एक दिन में निपुण नहीं बन सकते। अभ्यास करते हुए ही यह एक प्रयुक्त के रूप में उभर कर कर देगा।

सूर्य नमस्कार (सूर्य नमस्कार): सूर्य नमस्कार कई आसनों के योग से बना एक पॉवरफुल योगासन है। सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं।

प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं। फिर दोनों हाथों को कंधे के समान उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें। दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं।

हस्तोत्तानासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाएँ और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएँ।

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हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की ओर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर नीचे की ओर झुकें। अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूते हैं।

पर्वत आसन: इस आसन को करने के दौरान सांस लेने के दौरान बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ को ज़मीन पर सीधा रखें।

अश्व संचालन इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें। गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी तरह स्थित रहें।

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते हुए अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएँ और साँस छोड़ते हैं। अपने कूल्हों को पीछे की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआरे और कुछ देर इसी तरह की स्थिति में रहें।

भुजंग आसन: इस आसन को करते हुए धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं। हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें। गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा रखें।

शवासन:
मैट पर बैक के फोर्स लेट जाओ और आंखें मूंद बनाएं। पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खुला रखें। पैर के तलवे और मुखियाँ ऊपर की ओर होनी चाहिए। हाथों को लगाकर हथेलियों को ऊपर की ओर खोलकर रखें। पैर से शरीर के हर हिस्से पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस बाहर करें। धीरे धीरे इसे कम करें। जब शरीर में राहत महसूस हो तो आँखें बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें।

सूर्य नमस्कार के फायदे:
सूर्य नमस्कार करने से तनाव दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होता है और मोटापा घटता है। जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है उनके लिए यह काफी लाभकारी होता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें:
गर्भवती महिलाओं को सूर्य नमस्कार ना करें:
उच्च रक्ताक्ष के रोगियों को सूर्य नमस्कार ना करें।
अगर आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
महिलाओं को पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें।





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