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₹10 हजार गारंटीड आमदनी वाली स्कीम को सरकार फिर कर सकती है शुरू,


नई दिल्ली. देश में जारी लॉकडाउन की परेशानियों के बीच आम आदमी के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार फिर से पेंशन स्कीम-प्रधानमंत्री वय वंदना योजना ((Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana-PMVVY) को शुरू कर सकती है. इसके साथ में टैक्स रियायत का भी प्रस्ताव किया गया है. अब इस योजना को 4 साल के लिए लागू किया जा सकता है. LIC ने रेगुलेटर IRDA से इसको लेकर जरूरी मंजूरी ले ली है.
अब कैबिनेट से अंतिम मंजूरी का इंतजार है. इस प्रस्ताव के तहत इस स्कीम में निवेश की गई रकम पर 8% की दर से पेंशन की गारंटी दी जाती है.

आपको बता दें कि  यह वरिष्ठ नागरिकों को स्थायी मासिक आमदनी का विकल्प देने के लिए शुरू की गयी थी. PMVVY में 10 साल तक 10,000 रुपये महीने की गारंटी वाली आमदनी का विकल्प मिलता है. अगर PMVVY योजना में 15 लाख रुपये का निवेश करते हैं तो आपको योजना जारी रहने तक 10,000 रुपये की रकम हर महीने मिलती रहती है. इस योजना में निवेश की समयसीमा 4 मई 2017 से 3 मई 2018 तक थी, इसे बाद में बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दिया गया था.

अब क्या होगा- अब सिर्फ स्कीम को फिर से 4 साल के लिए शुरू करने का प्रस्ताव है ही नहीं है बल्कि इसमें टैक्स छूट देने का भी प्रस्ताव किया गया. जिस तरीके से पब्लिक प्रोविडेंट फंड में पैसा जमा करने और निकालने पर टैक्स छूट मिलती है वैसे ही टैक्स छूट इस स्कीम के तहत दी जाए इस बात का प्रस्ताव डिपार्टमेंट ऑफ financial सर्विसेज ने किया है . प्रस्ताव के मुताबिक Exempt -Exempt-Exempt कैटेगरी में इस स्कीम में डाला जाय.हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है हालांकि अंतिम फैसला कैबिनेट को लेना है.आइए जानते हैं इस योजना की खास बातें…

1.50 लाख रुपए जमा करना जरूरी- इस योजना के तहत एक बार एकमुश्त रकम जमा करवानी पड़ती है. यह रकम कम-से-कम 1.50 लाख और ज्यादा-से-ज्यादा 15 लाख रुपये हो सकती है. पेंशनर को यह अधिकार होगा कि वह ब्याज की रकम या तो पेंशन के रूप में या एकमुश्त ले.

8% का मिलता है रिटर्न- पीएमवीवीवाई के तहत जमा रकम पर 8 से 8.30% प्रति वर्ष का निश्चित रिटर्न मिलता है. ब्याज की दर इस बात पर निर्भर करती है कि पेंशनर मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक, किस क्रम में पेंशन की रकम लेगा. हर महीने पेंशन लेनेवालों को 8% का ब्याज जबकि सालाना पेंशन लेने पर 8.30% का ब्याज मिलेगा.

पीएमवीवीवाई 60 साल और उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए है. इस योजना के तहत 10 साल तक 8% के निश्चित सालाना रिटर्न की गारंटी के साथ पेंशन सुनिश्चित होती है. निवेश सीमा बढ़ने से वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह अधिकतम ₹10 हजार जबकि न्यूनतम ₹1,000 पेंशन प्रतिमाह मिलने की गारंटी मिल गई है.

गारंटी रिटर्न स्कीम- पेंशन के रूप में ब्याज की ही रकम मिलती है. इसे ऐसे समझें कि अगर आपने 15 लाख रुपये जमा कर दिए तो 8% की दर से इस पर साल का 1 लाख 20 हजार रुपये ब्याज मिलेगा. ब्याज की यही रकम मासिक तौर पर 10-10 हजार रुपये, हर तिमाही में 30-30 हजार रुपये, साल में दो बार 60-60 हजार रुपये या साल में एक बार एकमुश्त 1 लाख 20 हजार रुपये पेंशन के रूप में दे दी जाती है.

अंतर सिर्फ इतना है कि दूसरे जमा पर ब्याज की दर की समीक्षा सरकार हर तिमाही में करती है जबकि पीएमवीवीवाइ पर ब्याज की दर कम-से-कम 8% निश्चित है. ध्यान रहे कि तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर पेंशन लेने का विकल्प चुनते हैं तो इसके मुताबिक आपको 15,000 लाख से कम रुपये जमा कराने होंगे. जैसा का ऊपर बताया जा चुका है.

योजना का लाभ लेने की शर्तें
>> कम-से-कम 60 साल की उम्र पूरी कर ली हो.
>> 60 साल के बाद उम्र की कोई अधिकतम सीमा नहीं.
>> पॉलिसी टर्म- 10 वर्ष.
>> कम से कम पेंशन- ₹1000 प्रति माह, 3000 रुपये प्रति तिमाही, 6000 रुपये प्रति छमाही, 12000 रुपये प्रति वर्ष.
>> अधिकतम पेंशन- ₹10000 प्रति माह, 30000 रुपये प्रति तिमाही, 60000 रुपये प्रति छमाही, 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति वर्ष.

एक परिवार को 10,000 से ज्यादा पेंशन नहीं
इस स्कीम की संचालक एलआईसी की वेबसाइट के मुताबिक, पेंशन की अधिकतम सीमा एक पेंशनर नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार पर लागू होती है. मतलब, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत एक परिवार से जितने भी लोग पेंशन प्लान लेंगे, उन सबको मिलनेवाली पेंशन की रकम मिलाकर 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं होगी. पेंशनर के परिवार में पेंशनर के अलावा जीवनसाथी और उनके आश्रित शामिल हैं.

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर- CNBC आवाज़)





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