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40 साल पहले एग्जिट स्टडी बेटियों ने शुरू किया था: 62 साल के भाजपा विधायक बीए की परीक्षा देने पहुंचे; कहा- स्कूलों में भाषण देते वक्त शर्मिंदगी महसूस होती है


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उदयपुर4 घंटे पहले

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फूल सिंह मीणा वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी के उदयपुर केंद्र पर पेपर देने पहुंचे।

रेटेड की राजनीति की परीक्षा में 2 बार पास हो चुके हैं भाजपा विधायक फूल सिंह मीणा अब बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने विषय भी पॉलिटिकल साइंस को चुना है। मंगलवार को उनका पेपर था। एक समय घर में ऐसी परिस्थिति बनी कि मीना को स्कूल से ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद पार्षद बने, विधायक बन गए लेकिन पढ़ाई न कर पाने की कसक दिल में जगह बनाए हुए थी। इसी दौरान बेटियों ने मोटिवेट किया तो उन्होंने पढ़ाई शुरू कर दी।

वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी के उदयपुर केंद्र पर पेपर देने पहुंचे फूल सिंह मीणा ने कहा कि राजनीति के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने 40 साल बाद फिर से पढ़ाई शुरू की थी। बीए करने के बाद वह पीएचडी की तैयारी करेंगे।

मीणा ने बताया कि पहले बार विधायक बनने के बाद मुझे स्कूलों में होने वाले कार्यक्रम में बुलाया जाता था। इस दौरान बच्चों के सामने भाषण देते हैं जब मुझे काफी शर्मिंदगी महसूस होती है। मुझे लगता है कि मैं खुद पढ़ा-लिखा नहीं हूं और ये पढ़ने की शिक्षा देता है। अब मुझे ऐसा नहीं लगता है। मैं जहां भी जाता हूं, छोटे बच्चों के साथ बड़ों को भी पढ़ने की सलाह देता हूं।

एग्जामिनेशन सेंटर पर बॉडी टेम्परेचर चेक करने के बाद ही फूल सिंह मीणा को एंट्री दी गई।

एग्जामिनेशन सेंटर पर बॉडी टेम्परेचर चेक करने के बाद ही फूल सिंह मीणा को एंट्री दी गई।

स्कूल में छूट गई पढ़ाई थी
मीना ने बताया कि पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी आने से उन्हें स्कूली पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार चलाने के लिए वे खेती करने लगे। 2013 में उन्होंने पहली बार विधायककी का चुनाव लड़ा। जीत भी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेटों से प्रेरणा मिली और उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की। फूल सिंह मीणा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से दूसरे बार भाजपा के विधायक बने। इससे पहले वह उदयपुर नगर निगम में पार्षद थे।

दिन भर के कार्यक्रमों के बाद फूल सिंह मीणा घर पहुंचते हैं।  इसके बाद बेटियां उन्हें पढ़ाती हैं।

दिन भर के कार्यक्रमों के बाद फूल सिंह मीणा घर पहुंचते हैं। इसके बाद बेटियां उन्हें पढ़ाती हैं।

बेटियों को पढ़ाने में काम नहीं आता
मीणा ने बताया कि बेटियों ने 2013 में ओपन स्कूल से 10 वीं कक्षा के लिए फार्म भरवा दिया। विधायक बनने के बाद व्यस्तता बढ़ गई और वह 2014 में परीक्षा नहीं दे पाया। बेटियों ने 2015 में फिर से फार्म भर दिया। इस बार उन्होंने 10 वीं की परीक्षा पास ली। इसके बाद 2016-2017 में वह 12 वें में पास हो गए। अभी वह ग्रेजुएशन में लास्ट इयर की परीक्षा दे रहे हैं।

मीना भले ही अब अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पाँचों बेटियों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 4 बेटियां पोस्ट ग्रैजुएशन कर चुकी हैं। एक बेटी पुणे में ला कर रही है। दिन भर बुकिंग रहने के बाद जब वह घर पहुंचते हैं तो बेटियां उन्हें पढ़ाती हैं।

अच्छे नंबर लाने वाली छात्राओं को प्लेन का सफर बनाते हैं
फूल सिंह मीणा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को 80% से ज्यादा अंक लाने पर प्लेन का सफर करते हैं। वे 2016 से यह मुहिम चला रहे हैं। मीणा अब तक 50 से ज्यादा छात्राओं को प्लेन से जयपुर ले जा चुके हैं। वहां उन्हें विधानसभा भवन दिखाने ले जाते हैं। छात्राओं को मुख्यमंत्री और अधिकारियों से भी मिलवाया जाता है।

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