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70 करोड़ की एमडी ड्रग्स मामला: कोरोना काल में इम्युनिटी पावर बढ़ाने की दवा बताकर बेचीं एमडी ड्रग्स, 100 से अधिक लोगों को बनाया शिकार


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  • कोरोना अवधि के दौरान, एमडी ड्रग्स ने प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने के लिए ड्रग्स के रूप में बेचा, 100 से अधिक लोगों को पीड़ित बनाया

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इंदौर5 घंटे पहले

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क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स मामले में रईस को पकड़ा है

70 करोड़ की एमडी ड्रग्स मामले में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि कोरोना काल में इम्युनिटी पावर बढ़ाने वाली दवा बताकर एमडी ड्रग्स को बड़ी मात्रा में इंदौर में सप्लाई किया गया था। कई बस्तियों में छोटे-छोटे बच्चों को ड्रग तस्करों ने नशे का आदी बना दिया है। अब तक इस मामले में कड़ियाँ जोड़ते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने 27 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई में पकड़े गए सदर बाजार का रईस पूरे कोरोना काल में कोरोना से बचाव की दवाई (इम्युनिटी पावर) बताते हैं कि ड्रग सेल रहा। क्राइम ब्रांच द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने वाले विज्ञापन में इस बात का जिक्र किया जा रहा है। पहले विजय नगर पुलिस ने सागर जैन उर्फसंदो की गैंग पर बांग्लादेशी युवतियों से देह व्यापार मुहैया कराने के मामले में कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस ने इस धंधे से जुड़ी महिलाओं और अन्य को भी आरोपी बनाया था।

इसी तरह क्राइम ब्रांच के हाथ में 70 करोड़ की एमडी ड्रग्स लगी थी, जिसमें अग्रवाल परिवार के पिता-पुत्र और एक अन्य सहित हैदराबाद के दवा व्यवसाय तक क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची थी। कार्रवाई यहीं नहीं थमी, इंदौर में भी कई लोगों को ड्रग सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जिस पर रईस को पुलिस ने उसे पूछताछ में खुलासा किया कि उसने इंदौर की कई बस्तियों सहित होटल और परिसर के लिए ड्रग सप्लाई की चेन बनाई थी। कहा जा रहा है कि रईस ने पूरे कोरोना काल में ड्रग्स बेची। उन्होंने अपनी चेन के माध्यम से कुछ युवाओं को ड्रग्स यह कहते हुए बिकवाई कि कोरोना की यह कुशल दवाई है। इससे इम्युनिटी पावर भी बढ़ती है।

क्राइम ब्रांच के स्रोतों की माने तो कोरोना काल के दौरान एम डी ड्रग्स बड़ी मात्रा में इंदौर में खपोए गए। खासतौर पर मुस्लिम बस्तियों में ड्रग्स का बड़ा कारोबार किया गया। इन बस्तियों में युवाओं और बच्चों को यह झांसा दिया गया कि यह दवाई है जो कोरोना से लड़ने के लिए इम्युनिटी पावर बढ़ाती है। इस झांसे में आकर कई लड़के और बच्चे ड्रग्स का सेवन करने लगे थे। सूत्रों की माने तो क्राइम ब्रांच के पास 100 से ज्यादा लड़कों के नाम है जो नशे की लत में आए थे। टीम उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई है जिसने इसे कारोबार बना दिया था। वर्तमान में सदर बाजार क्षेत्र से तीन और लड़कों को इंटर के लिए पकड़ा गया था हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। अब भी कुछ और नशा सप्लायस की तलाश टीम को है।

यह मामला है

क्राइम ब्रांच ने 5 जनवरी को 5 आरोपियों से 70 करोड़ रुपए की 70 किलो एमडीएमए ड्रग्स बरामद की थी। उनके पास से 13 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे। आरोपी तेलंगाना और मप्र के रहने वाले हैं। आरोपी ड्रग्स की खेप देने और टोकन मैन लेने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोपियों की माने तो वे ट्रेन, प्लेन, बस, ट्रक ट्रांसपोर्ट और निजी कार हर प्रकार से ड्रग्स लाते थे। ये इतने शातिर हैं कि ट्रांसपोर्ट से ड्रग्स भेजते समय वे पैकेट में मुर्गी दाना पाउडर या बीमारियों के वैक्सीन का इलाज बताते थे। इस मामले में अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

एमडी ड्रग्स मामले में पूर्व में मुंबई से दो आरोपी अय्यूब इब्राहिम कुरैशी और वसीम खान को मुंबई से पकड़ा गया।) इनमें से एक 1993 के मुंबई ब्लास्ट में सजा काट चुका है, जबकि दूसरे टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार हत्याकांड में शामिल अबू स्याम गैंग का सदस्य था।

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