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70 करोड़ के ड्रग्स केस में 2 गिरफ्तार: साथियों के गिरफ्त में आते ही बेटी के घर बनारस भागा था, वजीर, स्टेशन पर थाप दी थी सिम, 900 रुपए प्रति ग्राम ड्रग्स खरीद 1400 में फोन था


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इंदौर5 मिनट पहले

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पुलिस ने 5 जनवरी को 70 किलो एमडी ड्रग पकड़ी थी।

70 करोड़ की 70 किलो एमडी ड्रग के मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर की गिरफ्त में दो और आरोपी आए हैं। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नामों का खुलासा किया था, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया है। इसमें से एक आरोपी वजीर करीब 2 किलो ड्रग्स बाजार में अब तक खपा चुका है। वह 900 रुपए प्रति ग्राम के हिसाब से ड्रग्स खरीदता और 500 रुपए मुनाफा कमाते हुए बेच देता था। सहयोगियों के पकड़ने जाने के बाद वह बनारस भाग गया, जब इंदौर लौटा तो बाहर से दरवाजा बंद कर भीतर ही रहने लगा था। पुलिस अब तक मामले में 28 तस्करों को दबोच चुकी है।

क्राइम ब्रांच एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने बताया कि 70 किलो एमडी ड्रग्स मामले में कुछ तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से पूछताछ करने पर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं। उन्होंने अपने कुछ अन्य सहयोगियों के नाम भी उगले थे। इसके बाद 66 साल का वजीर हसन पिता अली रजा निवासी 63 जूना पीठा मेन रोड खुरासन पठान की बिल्डिंग शास्त्री कालोनी इंदौर और 27 वर्षीय दानिश पिता शादिक खान निवासी ध्रव तवर नेताजी सुजी चंद्र मार्ग बड़वाली चौकी इंदौर गिरफ्त में आए हैं।

हस्तक्षेप में पता चला कि रईस से लगभग 20 साल से वजीर की दोस्ती है। यह रईस से लॉकडाउन के पहले से एमडी ड्रग्स ले रहा था। वजीर खुद भी ड्रग्स का आदी है। वह प्रति सप्ताह 50 ग्राम ड्रग्स राईस से खरीदता था। उसे 900 रुपए प्रति ग्राम ड्रग्स मिलते थे, जिसे वह 1400 रुपए प्रति ग्राम बेचा जाता था। एक आंकर्का माने तो इस प्रकार से वजीर अब तक लगभग 2 किलो एमडी ड्रग्स खपा चुका है। वजीर ने कबलूआ है कि उसे 500 रुपए प्रति ग्राम मुनाफा होता है।

आरोपी वजीर ने बताया कि वह फैजान लतीफ पहलवान, शाहिद गौरी, तबरेज उर्फ ​​गबरू से भी एमडी ड्रग्स खरीदता था। उसे जब पता लगा कि रईस को पुलिस ने पकड़ लिया है तो वह अपनी लड़की के यहां बनारस भाग गई थी। उसने अपने मोबाइल की सिम हटाकर स्टेशन पर फेंक दी थी। वापस इंदौर आने के बाद घर में ही ताला लगाकर अंदर रह रहा था।

वहीं, गिरफ्त में आए मनीष के बारे में पता चला है कि वह शाहिद गौरी, मो। भेदभाव रिमवान, कासिम, रईस, ईशान, हरम पिता रईस, बिलाल, फैजान, हनीफ पहले से ही जानता था। वह भी ड्रग्स का आदी था। नशे के साथ ही वह उसकी बिक्री-बिक्री भी किया करता था। उन्होंने बताया कि पहले बार बिलाल से ड्रग्स के बारे में उन्होंने नशा किया था, जिसके बाद नशे की लत लगने से उसने इन सभी तस्करों से ड्रग्स खरीद कर खुद नशा किया और पुड़िया बना बनाकर कई अन्य को भी बेच दिया।

यह मामला है

क्राइम ब्रांच ने 5 जनवरी को 5 आरोपियों से 70 करोड़ रुपए की 70 किलो एमडीएमए ड्रग्स बरामद की थी। उनके पास से 13 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे। आरोपी तेलंगाना और मप्र के रहने वाले हैं। आरोपी ड्रग्स की खेप देने और टोकन मैन लेने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोपियों की माने तो वे ट्रेन, प्लेन, बस, ट्रक ट्रांसपोर्ट और निजी कार हर प्रकार से ड्रग्स लाते थे। ये इतने शातिर हैं कि ट्रांसपोर्ट से ड्रग्स भेजते समय वे पैकेट में मुर्गी दाना पाउडर या बीमारियों के वैक्सीन का इलाज बताते थे। एमडी ड्रग्स मामले में पूर्व में मुंबई से दो आरोपी अय्यूब इब्राहिम कुरैशी और वसीम खान को मुंबई से पकड़ा गया।) इनमें से एक 1993 के मुंबई ब्लास्ट में सजा काट चुका है, जबकि दूसरे टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार हत्याकांड में शामिल अबू स्याम गैंग का सदस्य रहा था।

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