Home कानून विधि कोर्ट केस का नौकरी पर क्या असर होता है ? धारा 107,...

कोर्ट केस का नौकरी पर क्या असर होता है ? धारा 107, 116, 151 दंड प्रक्रिया सहिंता

हम में से ज़्यादातर लोग यानि नए लड़के इस बात को ले कर संशय में रहते हैं कि कोर्ट केस का असर सरकारी नौकरी पर होगा या नहीं तो आज का यह लेख खास ऐसे ही लोगो के लिए है तो आखिरी तक पूरा लेख पढ़े ताकि आपके तमाम सवालों के जवाब मिल जाएँ। इस लेख में आप जानेंगे कि कोर्ट केस का नौकरी पर क्या असर होता है ?

क्या होता है जब किसी व्यक्ति पर धारा 107 ,116  और 151 लगाई जाती है.

देखिये दोस्तों जब भी किसी की किसी से लड़ाई होती है तो भी और रंजिशन अगर कोई आपके खिलाफ कोई मामला की शिकायत करता है तो पुलिस को अगर यह लगता है कि मामला संगीन नहीं है तो पुलिस एक इस्तेख़ासा सिटी मेजिस्ट्रेट को भेज देती है फिर सिटी मेजिस्ट्रेट के ऑफिस से उस व्यक्ति को एक नोटिस जारी की जाती है और वो होती है धारा 107 , 116 , की नोटिस।  उस नोटिस के प्राप्त होने के बाद आपको एक वकील करना है और वकील के माध्यम से सिटी मेजिस्ट्रेट के सामने आपको अपनी सफाई देनी होती है उसके बाद आपको 6 महीने के लिए बाउंड कर दिया जाता है और इसी प्रकार यदि किसी व्यक्ति के लिए पुलिस को लगता है कि वह व्यक्ति कोई क्राइम यानि अपराध कर सकता है यानि शांति भंग कर सकता है तो पुलिस ऐसे व्यक्ति को हिरासत में ले लेती है और धारा 151 के तहत चालान करके 24 घंटे के अंदर ही उस व्यक्ति को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत किया जाता है और वकील के माध्यम से व्यक्ति की जमानत हो जाती है और उसको ६ महीनो के लिए बाउंड कर दिया जाता है कि वह अगले 6 महीने तक कोई अपराध नहीं करेगा तो या तो जाँच होगी या तो अपने आप ही अगले 6 महीने के बाद केस डिस्पोस हो जाता है.

क्या पड़ेगा नौकरी पर असर ?

देखिये दोस्तों, उपरोक्त मामले कोई अपराध की श्रेणी में नहीं आते हैं बल्कि किसी अपराध होने से रोकने के लिए ये चालान किये जाते हैं इसलिए आप को ये चाहिए कि आप उस बात को भूल जाएँ और जब बात नौकरी की है तो ऐसे मामले क्युकी अपराध रोकने के लिए होते हैं तो जब आप मुजरिम रहे ही नहीं तो नौकरी इस दिक्कत क्यों आएगी। इसलिए आप खुद भी भूल जाएँ और नौकरी के फॉर्म में आपको इस मामले का ज़िक्र करने की कोई ज़रुरत नहीं है और आप खुद भी ऐसे मामलों को भूल जाइये क्युकी यह सब अपराध रोधक मामले हैं।

आपको क्या करना है इससे बचने के लिए :-

Indian Kanoonयदि आपके ऊपर उपरोक्त में से कोई भी धारा लगी है या और भी कोई धारा लगी है और आपके मामले में आपके पक्ष में फैसला हो गया मतलब आपको न्यायलय ने दोषमुक्त यानि बरी कर दिया है तो आप कोर्ट से अपने मामले से सम्बंधित कोर्ट का आदेश की सर्टिफाइड कॉपी निकलवायें और वो आदेश की एक कॉपी सम्बंधित थाने में जा कर जमा करवा दे और वहां के रिकॉर्ड को क्लियर करवा लें तो भविष्य में यदि नौकरी के लिए कोई आख्या या सूचना मांगी जाती है तो आपका रिकॉर्ड क्लियर होने की वजह से आपकी नौकरी में कोई बाधा नहीं आएगी और आप अपने करियर में आगे बढ़ते जाएंगे

नोट :- उम्मीद करता हूँ की आपको लेख पसंद आया होगा और अगर लेख पसंद आया है तो ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें और हमको फॉलो भी करते रहे ताकि इसी तरह के ज्ञान वर्धक पोस्ट आपको पढ़ने को मिलती रहें।  इस लेख में दी गयी जानकारी सिर्फ आपके ज्ञान के लिए है लेहाज़ा कुछ भी करने से पहले किसी अच्छे वकील से भी राय ले सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments